[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: *नि:शब्द मेरी कलम* – सारिका श्रीवास्‍तव – News 4 India

*नि:शब्द मेरी कलम* – सारिका श्रीवास्‍तव

नि:शब्द हूं मैं ,नि:शब्द है मेरी आत्मा ,

*भारत मां हूँ मैं ,*

असहाय और लाचार हूं ,

शर्मिंदा हूं ,

माफ करना मेरी प्यारी बेटियों नहीं कर पा रही हूं तुम्हारी रक्षा,

लूट रही है तेरी इज्जत लूट रहा तेरा सम्मान है ,

शर्मिंदा हूं ,लाचार हैं ,असहाय हूं, *कैसे कहूं मैं तुम्हारी भारत मां हूं,*

 

कौन सी लक्ष्मण रेखा खींचूं ,

हर चौखट पर रावण जिंदा है ,

ना बची निर्भया ,आशिफ़ा,

न गीता को छोड़ा है,

रक्त रंजित तेरी चुनरी,

संवेदना आज मोहताज है, शर्मिंदा हूं ,लाचार हूं, असहाय हूं, *कैसे कहूं ,मैं तुम्हारी भारत मां हूं,*

अब मुझे किसी की हुकूमत नहीं भाती,

कफन में लिपटी मेरी शहजादी  मुझे है रुलाती,

गुड़िया से खेलने की उम्र में ,

बूत बनी मेरी लडलियाँ मुझे नहीं भाती ,

माफ करना मेरी लाड़लियों,

मैं शर्मिंदा हूं ,

*मैं तुम्हारी भारत मां हूं*

दो पल हाथों में लिए मशाल,

दे देते हैं लोग तुझे तेरे लुटे आबरू का हिसाब ,

न चीखता, न सिहरता ,

कैसा हो गया है यह मेरा हिंदुस्तान

*पर रुक ; ठहर ;…….*

*अभी कुछ कहना शेष है …*

*और जो शेष है ,वही विशेष है………..*

हे कपूतों ! मेरी आत्मा तुम्हें धिक्कारती है ,

कफ़न में ,पद्मिनी, झांसी, झलकारी की गूंजती किलकारी है ,

हे समाज !लानत है तुझ पर, मासूम बच्चियों की कयामत पर, *तू कैसे मौन हो जाता है????*

अफसोस है मुझे *मैं भारत मां हूं,*

मेरी बच्चियों की कृदंन पर तेरी मौन  रैलियों और कैंडल मार्च मुझे लगती नाकाफी है ,

एक बात जो कहना बाकी है; मेरी बेटियों की सुरक्षा की तुम पर ही सारी जिम्मेदारी है,

हे समाज जागो !

*तेरे कर्तव्यों की अब बारी है..…*

 

*सारिका श्रीवास्तव*

लीगल न्यूज़ रिपोर्टर /

अधिवक्ता  हाई कोर्ट जबलपुर, मध्य प्रदेश*

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *