सोयाबीन फसल को अधिसूचित क्षेत्र में नहीं लेने से किसानों का आक्रोश भड़का

 

छिन्दवाड़ा न्यूज 4 इंडिया। छिंदवाड़ा ब्लाक में सोयाबीन फसल को फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिसूचित क्षेत्र में नहीं लेने को लेकर किसानों का आक्रोश भड़क गया। ब्लाक में बड़े पैमाने पर सोयाबीन की फसल की बोनी की जाती है। और वर्तमान में उक्त फसल यलो मोजेक बीमारी से ब्लाक सभी ग्रामों में फसल खराब हो रही है और किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ब्लाक में उक्त फसल को फसल बीमा योजना में सम्मिलित नहीं किये जाने से इस फसल का बीमा नहीं किया गया और अब किसानों की यह फसल खराब हो गई इस कारण किसान फसल बीमा योजना का लाभ लेने से वंचित हो गये हैं। इसकी लापरवाही कृषि और राजस्व विभाग की है। इसके अतिरिक्त मक्का फसल को समर्थन मूल्य पर शासकीय केन्द्रों से खरीदी नहीं कर भावांतरण योजना का भी किसानों ने विरोध जताया, किसानों का कहना था कि उनकी मक्का उपज का सही मूल्य प्राप्त हो सके। ब्लाक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमित सक्सेना ने रैली के रूप में कलेक्ट्रेट जाकर अतिरिक्त कलेक्टर आलोक श्रीवास्तव और उप संचालक कृषि के.पी. भगत को सौंपा, इस दौरान प्रमुख किसान और ग्रामीणजन उपस्थित थे उनमें प्रमुख रूप से जीवन सिंह रघुवंशी , भैयाजी शिवारे, नीरज रघुवंशी, अजय रघुवंशी, मनोज शिवबती वानखेड़े, संतोष रघुवंशी, चैतराम पाल आदि बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

किसानों को संबोधित करते हुये अमित सक्सेना ने कहा कि छिंदवाड़ा क्षेत्र में सोयाबीन फसल को अधिसूचित क्षेत्र में लेकर फसल नुकसानी का सर्वे कर किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्ष 2015-16 में खरीफ और रबी फसल को अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ था जिसका कि फसल बीमा की राशि का भुगतान नहीं किया है वह तुरंत किसानों को वितरित किया जाये। तथा समूचे क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। और पेंच परियोजना माचागोरा जलाशय का पानी भीमगढ़ बांध के लिए नहर से छोड़े जाने एवं महाराष्ट्र को पानी देने का भी विरोध जताया।

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