मुस्लिम महिलाओं ने इकबाल मैदान में हाथ उठाकर ऐलान किया शरीयत में बदलाव मंजूर नहीं

भोपाल न्यूज 4 इंडिया। हजारों मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि चंद लोगों के विरोध के कारण लाखों लोगों की आस्था को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती है। बुराई हर समाज में है। ये बुराई अज्ञानता के कारण है। इन बुराईयों और गलतफहमियों को दूर करने के लिए सोशल रिफॉर्म की जरूरत है। इसके लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देश भर में आंदोलन चलाएगा। सोशल मीडिया के जरिए जोड़ा जाएगा। गलत तरीके से तलाक देने वालों के सामाजिक बहिष्कार का ऐलान भी किया गया। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा सोमवार को आयोजित जलसा-ए-ख्वातीन में लगभग पांच हजार महिलाएं शामिल हुईं। तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और शरीयत के बीच पैदा हो रहे विवाद पर उन्होंने कहा, वे शरीयत में कोई बदलाव नहीं चाहतीं। उन्होंने कहा, तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम एहतेराम करते हैं। तलाक इस्लामी शरीयत का हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इसके एक हिस्से पर रोक लग गई।

भोपाल में बेगमों का राज रहा। महिलाएं अपने घर की बेगम हैं। शादी-ब्याह इस्लामी तरीके व सोच पर हो तो कभी तलाक की नौबत ही न आए। तलाक का सही तरीका बताया जाए। इसमें सुलह को तीन महीने का वक्त होता है। सैय्यद मुश्ताक अली नदवी, शहर काजी का कहना।

टोल फ्री नंबर जारी

बोर्ड सदस्य डॉक्टर असमा जोहरा ने बताया कि बोर्ड की महिला विंग ने मुस्लिम वुमन हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 18001028426 जारी किया है। ये सात भाषाओं में है। यहां कोई भी महिला ओर युवती शरीयत की जानकारी ले सकती है। अगर कोई परेशानी है तो वह भी बता सकेगी।

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