[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: गुफा से गोताखोरों ने 4 और बच्चों की बचाई जान अब 5 और बाकी – News 4 India

गुफा से गोताखोरों ने 4 और बच्चों की बचाई जान अब 5 और बाकी

थाईलैंड न्‍यूज 4 इंडिया। गुफा में फंसे बच्‍चों को निकालने के लिए रेस्‍क्‍यू टीम बच्‍चों को बचाने में सफल हो रही है, लेकिन अभी कोच सहित 5 बच्‍चे गुफा के अंदर हैं। थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा में फंसी जूनियर फुटबॉल टीम के 4 और बच्‍चों को 9 जुलाई को बाहर निकाल लिया गया। बाकी 5 सदस्‍यों को निकालने के लिए बचाव दल के जवान लगे हुए हैं। इन्‍हें 10 जुलाई को शाम तक रेस्‍क्‍यू किए जाने की उम्‍मीद है। हालांकि बारिश का खतरा बरकररार है इससे  पहले 8 जुलाई तक गुफा से 4 बच्‍चों को निकाला गया था। इन्‍हें मिलाकर रेस्‍क्‍यू हुए बच्‍चों की संख्‍या 8 हो गई है। बचाव अभियान के प्रमुख नारोंगसाक ने बताया कि अभी भी 8 जुलाई जैसे हालात हैं जो अच्‍छा है 8 जुलाई को बारिश हुई थी, पर उससे गुफा में जलस्‍तर नहीं बढ़ा। 11 से 16 साल तक के 12 खिलाडि़यों और उनके कोच सहित यह जूनियर फुटबॉल टीम 23 जून को गुफा देखने गई थी। बारिश से आई बाढ़ के कारण उसी में फंस गई थी। उन्‍हें बचाने के लिए दुनिया के सबसे दुर्गम गुफा में रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस अभियान में थाईलैंड, अमेरिका, चीन, जापान ब्रिटेन और ऑस्‍ट्रेलिया के 90 गोताखोर एक हजार से ज्‍यादा जवान और एक्‍सपर्ट्स लगे हुए हैं। अभियान अब तक सफल रहा है।

पहले दिन सबसे कमजोर बच्‍चों को निकाला

अधिकारियों ने 9 जुलाई को उन बच्‍चों की पहचान सामने की जिन्‍हें सबसे पहले रेस्‍क्‍यू किया गया। अधिकारियों के अनुसार 8 जुलाई को सबसे पहले सबसे कमजोर चार बच्‍चे चुने गए। गुफा से सबसे पहले 13 साल के मोन्‍हखोल बून्पिआम को निकाला गया। उसके बाद 15 साल का प्रजाक सुठाम, फिर 14 साल का नट्टावुट थकामसाई और आखिर में 15 साल का पिपत बोधू बाहर आया। बच्‍चों को बाहर आते ही चियांग राई अस्‍पताल ले जाया गया। जैसे ही बच्‍चे सतह पर आए, गोताखोरों ने उन्‍हें गले से लगा लिया। 9जुलाई को बचाए गए चारों बच्‍चों के नाम नहीं बताए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि हमने प्‍लान बी भी तैयार किया है।

थाईलैंड की गुफा से 8 जुलाई को बचाए गए चारों बच्‍चे स्‍वस्‍थ्‍य हैं। बचावदल के प्रमुख ने बताया कि 9 जुलाई की सुबह सोकर उठने के बाद इन बच्‍चों ने अस्‍पताल में चावल से बना पसंदीदा व्‍यंजन मांगा। संक्रमण के डर से अभी इन बच्‍चों को अपने परिजन से नहीं मिलने दिया गया है। डॉक्‍टरों ने बताया कि बच्‍चों की हालत कई दिनों तक भूखे होने के चलते नाजुक है।

गोताखोर सफल नहीं तो प्‍लान बी भी तैयार था

अधिकारियों ने प्‍लान बी और सी भी बनाया है यदि गोताखोर 8जुलाई को बच्‍चों को रेस्‍क्‍यू नहीं कर पाते तो प्‍लान बी अमल में आता। पानी निकालने के लिए नायलॉन के बड़े पाइप को गुफा के पहाड़ के नीचे फिट कर रखा था। गुफा से पानी निकासी के लिए 100 छेद किए हैं।

मस्‍क ने छोटी सबमरीन से रेस्‍क्‍यू का ऑफर दिया

कार कंपनी टेस्‍ला के सीईओ एलन मक्‍स ने रेस्‍क्‍यू के लिए छोटी सबमरीन का प्रस्‍ताव दिया। मस्‍क बोले-ऐसी सबमरीन का टेस्‍ट हुआ है, जिसमें एक बच्‍चे को अंदर भेजकर उसमें ऑक्‍सीजन सहित जरूरी हालात मौजूद रहेंगे। एक गोताखोर इसे आगे से खींचेगा और दूसरा पीछे से धक्‍का देगा।

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