मुख्यमंत्री ऑफिस की टेलीफोन व नेट सेवा 15 घंटे रही बंद 

नागपुर न्‍यूज 4 इंडिया। लोक कर्म विभाग के जेसीबी द्वारा विधानमंडल परिसर में खुदाई के दौरान भारत संचार निगम लिमिटेड के दो केवल क्षतिग्रस्‍त होने से मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्री व विधायकों के कार्यालयों की टेलीफोन व इंटरनेट सेवा बंद रही। बीएसएनएल ने सबसे पहले विधान भवन स्थित मुख्‍यमंत्री कार्यालय व चेंबर की टेलीफोन व इंटरनेट सेवा शुरू की। इसमें 15 घंटे का समय लग गया। भारी बारिश के बाद सामने आई अव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाने के लिए विधानमंडल परिसर में तेजी से नालियां बनाने नाली गटर साफ करनेका काम जारी है। पीडब्‍ल्‍यूडी यहां जेसीबी से नाली की खुदाई कर रही है। 8 जुलाई की रात को खुदाई के दौरान जेसीबी के पंजे से बीएसएनएल की 100 पेयर व 400 पेयर की केबल टूट गई। इस कारण विधान भवन स्थित मुख्‍यमंत्री कार्यालय, मंत्री महादेव जानकर, राज्‍यमंत्री अर्जुन खोतकर, विधायक गोपालदास अग्रवाल, ए.सी.कोल्‍हे सहित पदाधिकारीव समिति प्रमुखों के कार्यालयों की टेलीफोन व इंटरनेट सेवा बंद हो गई। 8 जुलाई की रात 8 बजे के बाद बंद हुई यह सेवा 9 जुलाई को दोपहर 3 बजे पूर्ववत हुई। हालांकि बीएसएनएल कर्मचारियों ने सबसे पहले 9 जुलाई को 11 बजे तक मुख्‍यमंत्री कार्यालय की टेलीफोन व नेट सेवा शुरू कर दी थी।

बीएसएनएल के जूनियर टेलीकाम आफिसर प्रफुल येनोरकर ने बताया कि मरम्‍मत के दौरान पीडब्‍ल्‍यूडी के ठेकेदार व कर्मचारियों को केबल का रूट बता दिया गया था साथ ही इस जगह जेसीबी की बजाय हाथ से खुदाई कर सावधानी बरतने को कहा था इसके बावजूद पीडब्‍ल्यूडी ने ए‍हतियात नहीं बरती और ठेकेदार ने उसी रूट पर जेसीबी से खुदाई कर दी। दो केबल टूटे और इससे विधान भवन के 30 कार्यालय व चेंबरों की टेलीफोन व नेट सेवा बंद हो गई।

बारिश का पानी इलेक्ट्रिक पैनल कक्ष में घुसने पर विधान भवन की बि‍जली आपूर्ति खंडित कर दी गई थी। विपक्ष ने इसे लेकर सत्‍तापक्ष पर जोरदार हमला बोला है। सरकार में शामिल शिवसेना भी इस मुद्दे पर भाजपा पर हमलावर है। इससे निजात मिलती इसके पूर्व ही सीएम व समिति प्रमुखों के टेलीफोन बंद हो गए। इसे लेकर विपक्ष हंगामा न करे, इसलिए इस मामले को गुप्‍त रखा गया।

सुरक्षा कारणों से नहीं मिला प्रवेश, डेढ़ घंटा खड़े रहे बीएसएनएल के कर्मचारी

विधान भवन स्थित बीएसएनएल के अधिकारियों ने दो केबल टूटने की सूचना मुख्‍यालय को दी। इसके बाद विभागीय अभियंता के नेतृत्‍व में तकनीकी कामगारों की टीम 9 जुलाई को सुबह 9 बजे विधान भवन के पास पहुंची। सुरक्षा कारणों से इन्‍हें अंदर प्रवेश नहीं मिला। अधिकारी-कर्मचारियों के पास बनाए गए और उसके बाद इन्‍हें परिसर में प्रवेश मिला । इस प्रक्रिया में बीएसएनएल अधिकारी-कर्मचारियों को करीब डेढ़ घंटे तक विधान भवन के बाहर इंतजार करना पड़ा।

 

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