प्रदेश से चुनी गईं एक मात्र शोधार्थी

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। छिंदवाड़ा जिले के इतिहास में एक नया अध्‍याय जुड़ गया है। शहर में रहने वाली कुमारी मिथलेस चौरासे ने रिप्रोडक्टिव जस्टिस- द अनफिनिशिड रिवोल्‍यूशन-III इंटरनेशनल कॉन्‍फ्रेंस, रोडस विश्‍वविद्यालय ग्राह्म्‍सटाउन पोर्ट एलिजाबेथ, दक्षिण अफ्रीका में महिलाओं में असुरक्षित गर्भपात मातृ मृत्‍युदर के विषय पर अपना संबोधन दिया, उन्‍होंने कहा कि भारत के अधिकारित कार्य समूह राज्‍यों में उच्‍च प्राथमिकता वाले जिलों और गैर प्राथमिकता वाले जिलों के बीच गर्भपात के लिए व्‍यवहार की मांग में उपचार में असमानताएं हैं, हालांकि भारत में सुरक्षित गर्भपात तक पहुंच कम है। भारत सरकार ने उन जिलों में गहन प्रजनन स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रमों के लिए चयनित मातृत्‍व और नवजात स्‍वास्‍थ्‍य संकेतकों के आधार पर प्रत्‍येक राज्‍य में उच्‍च प्राथमिकता वाले जिलों की पहचान की है और उन्‍हें व्‍यवहार में लाने के महत्‍वपूर्ण कदम उठाये हैं, उन्‍होंने अपने संबोधन में भारत के विभिन्‍न राज्‍यों में महिलाओं के गर्भपात कराने की प्रक्रिया, आने वाली समस्‍याओं और उनके निदान के विषय में अपनी बात रखी है, उन्‍होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति में वहां की महिलाओं का अहम योगदान होता है, जिन देशों में महिलायें स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति जागरूक हैं वे देश संपन्‍न और विकसित हैं। सभी देशों को संयुक्‍त रूप से महिलाओं को उसका अधिकार और समानता का दर्जा दिलाने की आज आवश्‍यकता है। जिससे हर देश उसकी प्रगति की नई ऊँचाईयों को छुए, इस कार्यक्रम में विश्‍व के 100 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि एवं शोधार्थी शामिल हुए।

मिथलेश जी ने बताया कि उनका यह दूसरा सम्‍मेलन द‍क्षिण अफ्रीका में है, इसके पहले वे केपटाउन शहर में भी 17वें वर्ल्‍ड कॉन्‍फ्रेंस ऑन टोबाको एंड हेल्‍थ में शामिल हो चुकी हैं। उन्‍होंने बताया कि वे इस कॉन्‍फ्रेंस में आकर अपने देश का प्रतिनिधित्‍व करके अपने को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। मिथलेश ने पोर्ट एलिजाबेथ में दिनांक 10 जुलाई 2018 को अपना उद्बोधन दिया। कु. मिथलेश प्रदेश से चुनी गईं एक मात्र शोधार्थी हैं। जो अंतर्राष्‍ट्रीय जनसंख्‍या विज्ञान संस्‍थान मुंबई(आई.आई.पी.एस.) में शोध कर रहीं हैं।

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