[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: विधायकों के पीए को नहीं मिलेगा यहाँ  प्रवेश – News 4 India

विधायकों के पीए को नहीं मिलेगा यहाँ  प्रवेश

नागपुर न्‍यूज 4 इंडिया। नक्‍सली के पत्र में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीसको धमकी मिलने की खबर से हड़कंप मचा दिया है। यह पत्र मिलने के बाद नागपुर में चल रहे मानसून सत्र में सुरक्षा की समीक्षा करते हुए महत्‍वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। विधानसभा व विधानपरिषद सदस्‍यों के सिर्फ अधिकृत निजी सहायक(पीए) को विधानभवन में प्रवेश पास देने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह विधानभवन में काम करने वाले प्रत्‍येक कामगार को प्रवेश पास बनाने से पहले पुसि से अपना एनओसी लेना होगा। यहीं नहीं, अधिवेशन में निकलने वाले मोर्चे के शिष्‍टमंडलभी मंत्री या मुख्‍यमंत्री से मिलने के लिए मंत्रियोंके शासकीय निवासस्‍थान रविभवन या नागभवन में जाकर मिलना होगा या मंत्रियों को उन्‍हें वहां बुलाना होगा। विधानभवन परिसर में वे नहीं मिल सकेंगे।

समीक्षा के बाद लिया निर्णय

5 जुलाई को इस संबंध में विधानसभा अध्‍यक्ष हरिभाऊ बागड़े, विधानपरिषद सभापति रामराजे निंबालकर ने विधानभवन की सुरक्षा की समीक्षा की। नागपुर शहर नक्‍सली इलाकों से घिरा होने के कारण विशेष एहतियात बरतने का निर्णय लिया गया है1 ऐसे में अब विधानभवन में आने वालों की संख्‍या कम करने का निर्णय लिया गया है। फिर वह पीए का मामला हो या कामगारों का, सभी को सीमित रखने पर सहमति बनी है। खासकर विधायकों के साथ कई पीए और उनके कार्यकर्ता विधानभवन में आते हैं पीए होने से विधानभवन सचिलवालय भी उन्‍हें आसानी से प्रवेश पास जारी कर देते हैं। वे अपने साथ कार्यकर्ता भी लेकर आते हैं ऐसे में अब सिर्फ विधायकों के एक अधिकृत स्‍वीय(निजी) सहायक को ही विधानभवन के लिए प्रवेश पास दिया जाएगा। शासकीय काम से आने वाले अधिकारियों को भी विधानभवन का प्रवेश पास लेना जरूरी होगा। अधिवेशन की तैयारियों के लिए विधानभवन में कई कामगारों को अस्‍थायी रूप से रखा जाता है। साफ-सफाई, मरम्‍मत, भोजन व्‍यवस्‍था आदि के लिए। लेकिन इनका पुलिस जांच किए बिना इन्‍हेंप्रवेश पास जारी कर दिया जाता है, लेकिन अब इन कामगारों को पहले अपना पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा। उसके बाद ही उन्‍हें विधानभवन का प्रवेश पास जारी होगा।

मोर्चे के शिष्‍टमंडल भी विधानभवन में नहीं जा सकेंगे

अधिवेशन के समय निकलने वाले मोर्चे के शिष्‍टमंडल अब विधानभवन में नहीं आ सकेंगे। उन्‍हें मंत्रियों के शासकीय निवासस्‍थान पर जाकर निवेदन देना होगा या मंत्रियों को मोर्चे स्‍थल पर जाकर मिलना होगा। विधानभवन में उन्‍हेंकिसी तरह का प्रवेश नहीं मिलेगा। सरकार इस फैसले से कुछ लोगों को यह झटका भी माना जा रहा है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टिकोण से यह महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है।

पहली बार ऐसी सावधानी

हालांकि यह पहला मौका है, जब अधिवेशन शुरू होने के बाद से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पहली बार मीडिया कर्मियों को भी विधानभवन प्रवेश पास के अलावा अपना कार्यालयीन आईडी दिखाना पड़ रहा है। विशेष सुरक्षा इंतजाम होने से इस बार विधानभवन में पहले के मुकाबले आगंतुकों की संख्‍या में कमी आई है।

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