[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: इन्हें नहीं है जान की परवाह  – News 4 India

इन्हें नहीं है जान की परवाह 

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। जिला अस्‍पताल में अव्‍यवस्‍थाओं की हद पार हो गई है। यहां पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है जिसकी उन्‍हें कोई परवाह ही नहीं है। शॉर्ट सर्किट की वजह से 10 जुलाई को जिला अस्‍तपाल की ओपीडी और ट्रामा यूनिट की बिजली आपूर्ति काफी देर तक प्रभावित रही। इस बीच अस्‍पताल में आने वाले मरीजों का टार्च की रोशनी में इलाज करना पड़ा। ऐसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए परिसर में लगाए गए जनरेटर हमेशा की तरह इस बार भी शुरू नहीं हो पाए। दोपहर लगभग एक बजे नूडल्‍स बनाने की मशीन में हाथ आ जाने से घायल कपरवाड़ी प्रवीण पिता पप्‍पू चंद्रवंशी को इलाज के लिए जिला अस्‍पताल लाया गया था। इस बीच ट्राम यूनिट की बिजली आपूर्ति बंद  थी। अधिक ब्‍लडिंग की वजह से ड्रेसर को टार्च की रोशनी में घायल का इलाज करना पड़ा। बताया जा रहा है कि ओपीडी के पास शॉर्ट सर्किट की वजह से अस्‍पताल के कुछ एरिया में बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। बिजली बंद होने से जिला अस्‍पताल में अक्‍सर ऐसी स्थिति बनती है। इसके बाद भी प्रबंधन द्वारा इसका कोई स्‍थाई हल नहीं निकाला जा सकता है।

कंप्‍यूटर बंद हाथ से बनानी पड़ी ओपीडी पर्ची

शार्ट सर्किट की वजह से ओपीडी की बिजली आपूर्ति बंद रही। ट्रिपिंग होने से कंप्‍यूटर कक्ष में हुए शॉर्ट सर्किट से यहां के सभी कंप्‍यूटर बंद हो गए थे ओपीडी में आने वाले मरीजों की पर्ची कर्मचारियों द्वारा हाथ से बनाई गई। इस सबके बीच मरीजों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा। कंप्‍यूटर बंद होनेसे कई मरीजों की ओपीडी बंद होने के बाद भी ओपीडी पर्ची नहीं बन पाई थी। जब तक मरीजों की पर्ची बनी तब तक डॉक्‍टर अस्‍पताल से जा चुके थे।

जिंक सीरप और शुगर की दवा खत्‍म

जिला अस्‍पताल में पिछले तीन महीने से उल्‍टी–दस्‍त से पीडि़त बच्‍चों के लिए जरूरी जिंक सीरप नहीं है। जिसकी वजह से मरीज के परिजनों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। जिंक सीरप के अलावा अस्‍पताल में शुगर पीडि़तों के लिए टेबलेट का टोटा है। शुगर पीडि़तोंकी पर्ची पर लिखी दवाएं ओपीडी से नहीं मिल रही हैं। इसी तरह दर्द और सूजन की समस्‍या से जूझ रहे मरीजों के लिए लाइजर डी टेबलेट अस्‍पताल में नहीं हैं। दवाओं की कमी की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सफाई कामगार हड़ताल पर गंदगी का अंबार

जिला अस्‍पताल के सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड 9 जुलाई से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्‍पताल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। वार्ड के अंदर और बाहर गंदगी होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं सुरक्षा कर्मचारियों के न  होने से मरीज, डॉक्‍टर और स्‍टाफ भी अस्‍पताल में सुरक्षित नहीं हैं। अस्‍पताल में मोबाइल चोरी की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं। 10 जुलाई को हड़ताली कर्मचारियों ने कलेक्‍टर से मुलाकात कर तीन माह का वेतन दिलाने की गुहार लगाई है।

आरएमओ जिला अस्‍पताल, डॉ. सुशील दुबे का कहना है कि शार्ट सर्किट की वजह से कुछ देर के लिए बिजली बंद हुई थी। हालांकि कुछ देर बाद कर्मचारियों द्वारा व्‍यवस्‍था बनाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर ली गई थी। टार्चकी रोशनी में इलाज किए जाने की जानकारी मेरे पास नहीं आई है। वहीं सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से कुछ कार्य प्रभावित हो रहे हैं। व्‍यवस्‍था बनाने आरकेएस और स्‍थाई कर्मचारियों से कार्य कराए जा रहे हैं।

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