कटनी हवाला कांड

इंदौर न्‍यूज 4 इंडिया। कटनी के हवाला कांड में प्रवर्तन निदेशालय(इडी) इंदौर ने 10 जुलाई को ईडी कोर्ट में मेसर्स निरनिधि मार्केटिंग प्रा. लि. के साथ ही सतीश सरावगी, मनीष सरावगी और मानवेंद्र मिस्‍त्री के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी।

861 पन्‍नों की इस चार्जशीट में ईडी ने जांच का हवाला देकर साफ कहा कि एक्सिस बैंक कटनी में खातेधारकों को बिना जानकारी दिए फर्जी तरीके से खाते खोले गए थे इसका उद्देश्‍य अपराध से हुई कमाईको इन खातों के जरिए कंपनियोंमें घुमाना था। इन खातों के जरिए करोड़ों रूपए का ट्रांजेक्‍शन हुआ। बाद में इस काली कमाई से संपत्तियां खरीदी गई। इन खातों में आई राशि को तीन खातों में इधर-उधर किया गया। इसमें मेसर्स महादेव ट्रेडिंग मेसर्स एसके मिनरल्‍स और मेसर्स निरनिधि मार्केटिंग प्रा. लि. शामिल हैं, जिसे मुख्‍य तौर पर सतीश सरावगी संचालित कर रहा था। इन फर्जी खातों में सरावगी बंधुओं ने सब्सिडी वाले कोल को खुले बाजार में बेचकर किए अपराध से हुई कमाई को भी ट्रांसफर किया था। जिसे बाद में अन्‍य कंपनियों में शिफ्ट कर दिया गया था। वरिष्‍ठ सहायक निदेशक एके श्रीवास्‍तव द्वारा कोर्ट में यह चार्जशीट फाइल कराई गई है।

खातों में आई राशि की लिंक मिलने पर ईडी द्वारा कटनी, पन्‍ना, रायपुर में 2 करोड़ 64 लाख की संपत्तियां चिन्ह्ति कर अटैच भी की गई हैं। ईडी ने चार्जशीट में यह भी कहा कि अभी भी विभाग की जांच जारी है। उल्‍लेखनीय है कि जनवरी 2017 में कटनी के इस घोटाले की बात सामने आई थी। इसके बाद ईडी ने मनी लाण्ड्रिंग एक्‍ट 2002 के तहत सरावगी बंधु मिस्‍त्री व अन्‍य के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।

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