[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: ढाई लाख बच्चों को मिलेगा निशुल्क प्रवेश – News 4 India

ढाई लाख बच्चों को मिलेगा निशुल्क प्रवेश

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम(आरटीई) में गैर अनुदान प्राप्‍त अशासकीय स्‍कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्‍चों के नि:शुल्‍क प्रवेश के लिए स्‍कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने 10 जुलाई को एनआईसी के सवर्र का बटन दबाकर ऑनलाइन लॉटरी का शुभारंभ किया। लॉटरी में दो लाख 50 हजार बच्‍चों को स्‍कूल आवंटित किये गये हैं। इनमेंसे 205843 बच्‍चों को उनके द्वारा चाहे गये प्रथम वरीयता के स्‍कूलों में प्रवेश मिला। 34600 को द्वितीय, 12734 को तृतीय, 3579 को चौथी, 1820 को पॉंचवी और 865 को छठवीं, 430 को सातवी, 292 को आठवी, 166 को नौवीं तथा 91 बच्‍चों को उनके द्वारा चाही गई दसवी वरीयता के स्‍कूलों में सीटें आवंटित हुई हैं।

इस वर्ष प्रदेश के 26 हजार से अधिक प्रायवेट स्‍कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में नि:शुल्‍क प्रवेश हेतु लगभग दो लाख चौरानवे हजार बच्‍चों ने प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था जो कि विगत वर्ष की तुलना में लगभग 47 हजार से अधिक हैं। पिछले वर्ष 2 लाख 47 हजार बच्‍चों ने आवेदन किया था। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधान अंतर्गत निजी स्‍कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में निशुल्‍क प्रवेश की इस प्रक्रिया में नर्सरी के लिए 105095, केजी-1 के लिए 80895, केजी-2 के लिए 12023 और कक्षा एक के लिए 52415 बच्‍चों को स्‍कूल आवंटित हुए हैं। इनमें से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल) परिवारों के 183008, अनुसूचित जाति के 48436, अनुसूचित जनजाति के 15440 तथा 175 दिव्‍यांग, 67 अनाथ, विमुक्‍त जाति के 298, एचआईवी प्रभावित 68 एवं वनग्राम के पट्टाधारी परिवारों के 253 बच्‍चे शामिल हैं।

मप्र में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के लागू होने के साथ ही वर्ष 2011-12 से 2017-18 तक लगभग 10 लाख बच्‍चे इस प्रावधान के तहत निजी स्‍कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षाओं में प्रवेश ले चुके हैं। वर्ष 2016-17 से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्‍कूलों में निशुल्‍क प्रवेश की यह प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है। आरटीई के प्रावधान के तहत निजी विद्यालयों में अध्‍ययनरत इन बच्‍चों की फीस प्रतिपूर्ति राज्‍य सरकार द्वारा नियमानुसार की जाती है। स्‍कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने बताया कि इस लॉटरी के माध्‍यम से आज अनेक महंगे और संभ्रांत स्‍कूलों में भी बच्‍चों को निशुल्‍क प्रवेश मिला है। उन्‍होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के लिए सभी विकास खंड में हेल्‍प सेंटर भी खोले गए थे। स्‍कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कहा कि अगले सत्र से आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में निशुल्‍क प्रवेश हेतु यह लॉटरी प्रक्रिया 30 मई 2019 तक पूर्ण कर ली जाएगी। राज्‍य शिक्षा केंद्र संचालक लोकेश कुमार जाटव ने इस अवसर पर बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत सर्वाधिक बच्‍चों को मप्र में प्रवेश दिलवाया गया है। इस दौरान एनआईसी और राज्‍य शिक्षा केंद्र के अनेक अधिकारी भी उपस्थित थे।

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