[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: किसानों के साथ हो रहा खिलवाड़ ,थमाया फर्जी भुगतान पत्रक  – News 4 India

किसानों के साथ हो रहा खिलवाड़ ,थमाया फर्जी भुगतान पत्रक 

छिन्दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। उनको फर्जी पत्रक थमाएं जा रहे हैं। कृषि उपज मंडी कार्यालय में नीलकंठी परसगांव के नौ किसानों ने फर्जीवाड़ा की शिकायत की है। किसानों ने मंडी सचिव के पास पहुंचकर बताया कि उन्‍होंने एक व्‍यक्ति को गेहूं बेचा था, जिसके आधार पर उन्‍हें भुगतान पत्रक मिला है, लेकिन इसका रिकॉर्ड मंडी के दस्‍तावेजों से नहीं मिल रहा है। किसानों की शिकायत के बाद जब मंडी सचिव ने इसकी जांच कराई तो भुगतान पत्रक का रसीद क्रमांक फर्जी पाया गया है इसके अलावा इस भुगतान पत्रक में फर्म डागा ब्रदर्स की सील साइन लगी है। जबकि फर्म के संचालक का कहना है कि उनकी ओर से कोई भी सील नहीं लगाई गई है। और न ही भुगतान पत्रक जारी किया है। किसानों की शिकायत के बाद अब मंडी सचिव इस मामले में पुलिस शिकायत करने की बात कर रहे हैं।

ऐसे सामने आया प्रकरण

10 जुलाई को नीलकंठी परसगांव के नौ किसान भुगतान पत्रक लेकर पहुंचे। उन्‍होंने बताया कि इन सभी का करीबन 400 क्विंटल से ज्‍यादा गेहूं बेचा गया, जिसके आधार पर उन्‍हें भुगतान पत्रक मिला है। दस्‍तावेजों की जांच में भुगतान पत्रक फर्जी पाया गया। नियमानुसार प्रवेश पर्ची, अनुबंध पर्ची, तौल की कार्रवाई किए बिना ही भुगतान पत्रक जारी करना पाया गया है। पत्रक में जिस फर्म की सील लगी है, वह भी फर्जी बताई जा रही है।

सचिव कृषि उपज मंडी, केएल कुलमी का कहना है कि मेरे पास नौ किसान आए थे जिनके भुगतान पत्रक की जांच करने में फर्जी पाए गए हैं। फर्म से जानकारी मिली है कि उसकी सील भी फर्जी पाई लगाई गई है। इन सभी दस्‍तावेजों की जांच रिपोर्ट बनाकर पुलिस में शिकायत की जा रही है।

व्‍यापारी, आशुतोष डागा का कहना है कि भुगतान पत्रक में डागा ब्रदर्स की सील लगी है जो फर्जी है भुगतान पत्रक की रसीद न हमारी ओर से जारी की है और न ही सील लगाई गई है। मैंने स्‍वयं मंडी सचिव से इसकी जांच करने की बात कही है।

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