6 ग्रामों में जन जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

छिन्दवाडा न्‍यूज 4 इंडिया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय की छिन्दवाड़ा इकाई व महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से जिले के विकास खण्ड मोहखेड के ग्राम पालामऊ, लिंगा, कोडामऊ, सरोंरा, गाडरवाडा व अन्य ग्रामों में जन जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ । इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय पोषण आहार सप्ताह, एच-1एन-1 स्वाईन फ्लू, स्वच्छता, संकल्प से सिध्दि, न्यू इन्डिया मूमेन्ट, 2017 से 2022 तक नये भारत का मंथन आदि महत्वपूर्ण विषयों पर  मौखिक संदेश, सामूहिक वार्ता, चित्र प्रदर्शनी, प्रश्न मंच, फिल्म शो आदि के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया ।

कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री बालकराम साहू ने राष्ट्रीय पोषण आहार सप्ताह के महत्व को विस्तार से बताते हुये कहा कि पौष्टिक भोजन हमें कई पोषक तत्व देता है जो प्रोटीन, विटामीन और अन्य पौष्टिक तत्वों से भरपूर होना चाहिये । इनकी आवश्यकता व्यक्ति की आयु व कार्य भार पर निर्भर करती है जो हमारे शरीर की वृध्दि एवं विकास में सहायक होता है । हरी सब्जी, पालक, दाल,घी, सलाद आदि को भोजन में शामिल करना चाहिये । उन्होंने आंगनवाडी से मिलने वाली सुविधाओं व योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी । सामाजिक कार्यकर्ता श्री श्यामलराव ने संकल्प से सिध्दि, न्यू इन्डिया मूमेंट, 2017 से 2012 तक नये भारत के मंथन पर प्रकाश डालते हुये कहा कि स्वच्छ, गरीबीमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त, आंतकवादमुक्त, सम्प्रदायवादमुक्त एवं जातिवादमुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें ।

प्रभारी क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री एस.के.साहू ने राष्ट्रीय पोषण आहार सप्ताह के महत्व और स्वाईन फ्लू के संबंध में विस्तार से जानकारी दी । उन्होंने बताया कि एच-1एन-1 स्वाईन फ्लू अत्यधिक संक्रामक बीमारी है जिसे इन्फ्लूएंजा महामारी का नाम दिया गया है जो तेजी से फैल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी संक्रमित व्यक्ति पाये जा रहे है । उन्होंने बताया कि यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति मे फैलता है । संक्रमित व्यक्ति की खांसी की छींक से निकलने वाली छीट द्वारा सतह या चीजों के दूषित होने पर उनके सम्पर्क मे आने से व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। इस बीमारी में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सांस लेने में तकलीफ आदि के लक्षण दिखाई देते है । ऐसे लक्षण पाये जाने पर व्यक्ति को नजदीक के हैल्थ स्क्रीनिग सेंटर ले जाकर व डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज करवाना चाहिये । उन्होंने बताया कि आंगनवाडी कार्यकर्ताओ को जागरूक करने से वे अपने केन्द्रों में जाकर महिला और पुरूषों को जागरूक कर सकेंगी । इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती रीता परते और श्रीमती दसवंती धुर्वे, श्री अशोक कुमार मिश्रा, बी.पी.ए. श्री सतीश कुमार, शिक्षिका श्रीमती लक्ष्मी परतेती और श्रीमती गिरजा कातुलकर, शिक्षक श्री भरत डिगरसे, आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण पुरूष/महिला उपस्थित थे ।

 

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