मधुमक्खी पालन हेतु एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण 20 सितंबर को

बैतूल, न्‍यूज 4 इंडिया। मधुमक्खी पालन कृषि से ही जुड़ा एक व्यवसाय है, जिसमें कम लागत और अधिक मुनाफा है। किसानों की आय को सुदृढ़ करने हेतु मधुमक्खी पालन कृषि के अतिरिक्त आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन सकता है। जिले में मधुमक्खी पालन हेतु उपयुक्त वातावरण एवं मधुमक्खी पालन हेतु आवश्यक फसलों की उपलब्धता को देखते हुए जिले में मधुमक्खी पालन की काफी संभावना है। देशी और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में शहद की लोकप्रियता और मांग की वजह से मधुमक्खी पालन तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है। कृषि से जुड़े लोग या फिर बेरोजगार युवक भी इस व्यवसाय को आसानी से अपना सकते हैं तथा इस उद्योग से लाखों रूपए प्रति वर्ष कमा सकते हैं।

मधुमक्खी पालन से जहां एक ओर किसानों को अच्छी आय होती है वहीं मधुमक्खी पालन से फसलों में परागण अच्छी तरह होने से कृषि उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती है। मधुमक्खी पालन से शहद, मोम, रॉयल, जैली आदि अतिरिक्त उत्पाद भी प्राप्त होते हैं जो किसानों की अतिरिक्त आमदनी का बेहतर जरिया साबित होते हैं। मधुमक्खी पालन से बेरोजगार लोगों को रोजगार मिलने की भी अपार संभावनाएं हैं।

उप संचालक उद्यान ने बताया कि किसानों का मधुमक्खी पालन की ओर रूझान बढ़ाने तथा इस योजना का लाभ लेने हेतु उद्यानिकी विभाग द्वारा मधुमक्खी पालन पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 सितंबर को प्रात: 10 बजे से कृषि विज्ञान केन्द्र बैतूलबाजार में रखा गया है, जिसमें विभागीय अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा जिले के उत्सुक कृषकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उपरोक्त प्रशिक्षण में शहद उत्पादन करने के लिए उचित वातावरण, नए-नए उपकरण एवं प्रबंध की जानकारी, उत्पादन के लिए उच्चकोटि की तकनीक, अधिक शहद देने वाली मधुमक्खियों की प्रजातियां, नस्ल सुधार एवं रोगों से बचने की सम्यक जानकारी तथा वैज्ञानिक विधि से मधुमक्खी पालन में नवनिर्मित तकनीक आदि का ज्ञान दिया जाएगा।

 

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