ग्रामीणों के विरोध के बाद बनाई जब्‍ती

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। रेत खनन को लेकर प्रशासन इसकी कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन रेत माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं करता है।  रेत परिवहन को लेकर 13 जुलाई को सौंसर के बारदेई में जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने रेत परिवहन का विरोध करते हुए वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। 13 जुलाई की सुबह सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने मालेगांव खदान से रेत लेकर आ रहे डंपरों को जाने नहीं दिया। विरोध प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे सौंसर तहसीलदार ने पांचों डंपरों की जब्‍ती बनाते हुए जांच शुरू कर दी है।

13 जुलाई को सुबह ग्रामीणों का विरोध ये था कि गांव से गुजरने वाले ट्रैक्‍टरों से सड़क बर्बाद हो गई है। लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायतों के बाद भी इन वाहन चालकों पर न तो कोई कार्रवाई हो रही है और न ही कोई जांच की जाती है। लगातार विरोध के बाद भी कोई असर अधिकारियोंपर नहीं हो रहा है। विरोध के दौरान ग्रामीणोंने आरजे 23 जीए 4011, एमपी 48 एच 4815, एमपी 28 एच 1155 व एक बिना नंबर के डंपर को पकड़ा।

ग्रामीणों का विरोध इसलिए और

ग्रामीण राक्‍या उईके ने बताया कि 12 जुलाई की रात सड़क पर एक डंपर पलट जाने से आवगमन बाधित हुआ। दो दिन पूर्व ओवरवेट से एक पुलिस क्षतिग्रस्‍त हुई। बारादेही की सड़क रेत के ओवरवेट परिवहन से उखड़ रही है। 6 माह से ग्रामीण ओवरवेट परिवहन रोकने की मांग कर रहे हैं। ओवरवेट पर प्रतिबंध लगाने की मांग पर पिछले सप्‍ताह ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था।

ग्रामीणों का ये भी कहना था कि कहने को रेत भंडारण से लाई जा रही है, जबकि नदी से अभी भी रेत निकाली जा रही है। जबकि 15 जून से रेत खनन पर शासन द्वारा रोक लगा दी गई है, लेकिन इस रोक का कोई असर इन रेत घाटों पर दिखाई नहीं दे रहा है। धड़ल्‍ले से खनन यहां जारी है।

तहसीलदार सौंसर, आरएस कुसराम ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचा। चार डंपर जब्‍त किए हैं, इसकी जांच की जा रही है। ओवरवेट परिवहन का प्रकरण बनाया जा रहा है।

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