वर्ष 2022 तक पूर्ण साक्षर होगा देश : प्रकाश जावड़ेकर

रायपुर न्‍यूज 4 इंडिया जावड़ेकर, राजधानी के इंडोर स्टेडियम परिसर में मुख्यमंत्री अक्षर सम्मान एवं अक्षर सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित  कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के समय वर्ष 1947 में साक्षरता प्रतिशत 18 था। अब बढ़कर 81 प्रतिशत हो गया है। फिर भी देश में 19 प्रतिशत लोग साक्षर नहीं हैं।

उनके अनुसार साक्षर भारत अभियान से जुड़े सभी लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की भागीदारी से यह लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। प्रदेश में 98 प्रतिशत बच्चे स्कूल जाते हैं। कक्षा 6वीं के बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वह घर में अपने माता-पिता और दादा-दादी को भी साक्षर बना सकें।

प्रेरक करेंगे अब डिजिटल साक्षर

अक्षर ज्ञान की जगह अब प्रेरकों को डिजिटल साक्षरता की जिम्मेदारी दी जाएगी। वे गांव, मोहल्ले व बस्तियों में रहने वालों को कम्प्यूटर सिखाएंगे, ताकि डिजिटल इंडिया का सपना साकार हो।

मेरी मां भी थीं प्रेरक

जावड़ेकर ने कहा कि मेरी मां जिला परिषद में 1960 में शिक्षिका थीं। मैं पांचवीं में था। साक्षरता मुहिम शुरू हुई। अलग-अलग बस्तियों में जाकर वह सिखाती थीं। मैंने भी सीख लिया। माता जी से कहा कि आप महिलाओं को सिखाइए, मैं पुस्र्षों को सिखाऊंगा। मैंने 10 साल की उम्र में ही प्रेरक का काम किया।

 

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