[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: किराएदार ही निकला चेन स्‍नैचर – News 4 India

किराएदार ही निकला चेन स्‍नैचर

नंदनवन थाने के पुलिस अधिकारी पंकज दाभाड़े ने बताया कि शशिकांत निनाने ने दोपहिया वाहन फाइनेंस कंपनी से लिया था। वह इस वाहन को हसनबाग में गिरवी रख दिया था इस वाहन को छुड़ाने के लिए उसने मकान मालकिन के सोने की चेन को छीनने की साजिश रची। यह बात उसके भाई और साले को पता थी। आरोपी शशिकांत को यह बात पता था कि मकान मालिक और उनका बेटा पंढरपुर गए हैं। उसने मकान खाली करने के दिन ही चेन स्‍नैचिंग की। शशिकांत निनावे ने कमरा खाली करने के बाद रत्‍नकला के घर में मुंह पर नकाब बांधकर गया। उसने रत्‍नकला से पूछा कि उनके घर में किराए का कमरा है क्‍या। रत्‍नकला ने बाद में आने की बात की तो आरोपी शशिकांत ने उनसे एक ग्‍लास पानी पीने के लिए मांगा। रत्‍नकला ने उसे पानी दिया। वह ग्‍लास रखने के लिए अंदर जाने लगीं। उनके पीछे मुड़ते ही आरोपी शशिकांत ने रत्‍नकला के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हो गया।

ऐसे फंसे पुलिस के जाल में

रत्‍नकला ने नंदनवन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। पुलिस को रत्‍नकला ने बताया कि आरोपी शशिकांत ने एक फाइनेंस कंपनी से वाहन फाइनेंस कराया था उसने वाहनकी किस्‍त जमा नहीं की थी, जिसके कारण फाइनेंस कंपनी वाले आते थे। पुलिस ने एक फाइनेंस कंपनी से इस बारे में पूछताछ की तो पुलिस को आरोपी के माता-पिता के बारे में पता चल गया। उसके बाद पुलिस को शक था कि जिस दिन शशिकांत ने रत्‍नकला के घर का कमरा खाली किया, उसी दिन आधे घंटे बाद चेन स्‍नेचिंग हो गई। शक की सुई शशिकांत पर थी। पुलिस का शक सही निकला। वह आरोपी शशिकांत तक फाइनेंस कंपनी के पास जमा किए गए दस्‍तावेज के आधार पर पहुंच गई।

रत्‍नकला को आरोपियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, उनके पास शशिकांत का न तो मोबाइल नंबर था और न ही कोई दस्‍तावेज थे। वह पुलिस को सिर्फ इतना बताई कि शशिकांत के घर में फाइनेंस कंपनी वाले आते थे। शशिकांत मूलत: मौदा का रहने वाला था वह नागपुर में वाहन चालक था। उसका भाई मेकेनिकल का काम करता था। साला तुषार सिंह गांव में खेती करता है। वह अपनी बहन के बीमार होने पर नागपुर आया था।

 

 

 

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