[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: लो भाई अब वेडिंग सब्सिडी भी मिलेगी – News 4 India

लो भाई अब वेडिंग सब्सिडी भी मिलेगी

 

बीजिंग न्‍यूज 4 इंडिया। चीन में वन चाइल्‍ड पॉलिसी खत्‍म हुए दो साल हो गए हैं, बावजूद इसके वहां जनसंख्‍या में बढ़ोत्‍तरी ज्‍यादा नहीं हुई है। सरकार की इस नीति को सफल बनाने के लिए अब कई शहरों में अपने स्‍तर पर प्रोत्‍साहन देने वाली योजनाएं शुरू कर दी है। इनमें वेडिंग सब्सिडी, कैश बोनस और मिसकैरेज प्रिवेंशन लीव जैसे प्रोत्‍साहन व सुविधाएं दी जा रही हैं।

इनमें फोकस पढ़ी लिखी, कामकाजी और शहरी महिलाओं पर रखा गया है, क्‍योंकि सरकार का मानना है कि इस तरह की महिलाएं जिन बच्‍चों को जन्‍म देंगी वे बुद्धिमान होंगे। प्रशासन ने मुहिम को सफल बनाने के लिए स्‍थानीय कंपनियों व उद्यमों से युवा परिवारों को इस तरह की सुविधाएं देने को कहा है। चीन ने करीब तीन दशक से ज्‍यादा समय बाद 2016 में ‘वन चाइल्‍ड पॉलिसी’ खत्‍म की थी। उस साल दिसंबर तक बच्‍चों के जन्‍म में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, परा 2017 में इसमें गिरावट आ गई। चीन में हर साल वर्कफोर्स में लाखों की कमी हो रही है, इसलिए सरकार चाहती है कि हर प्रांत में बच्‍चों की संख्‍या बढ़े।

 

दूसरे बच्‍चे के जन्‍म होने पर नकद बोनस

चीन के लियाओनिंग में दुनिया की सबसे नीची जन्‍म दर(करीब 0.55 प्रतिशत) जुलाई में ही प्रशासन ने दूसरा बच्‍चा होने पर कैश बोनस की योजना शुरू की। प्रशासन ने कहा है कि लोगों को प्रोत्‍साहित करने के लिए हर सीमा तोड़ दें, वित्‍तीय प्रोत्‍साहन पर विचार करें,क्‍योंकि ये ही ज्‍यादा आकर्षक होते हैं, शियांतों में 15 हजार रूपए बेबी बोनस दिया जा रहा है। ऐसे लोगों को टैक्‍स मे छूट देने की भी योजना है। छोटे व मझोले उद्योगों को भी पहल से जोड़ा जा रहा है, क्‍योंकि वे बोझ अकेले नहीं उठा सकते। सरकार उन्‍हें रियायत देने पर काम कर रही है।

 

100 करोड़ रूपए वेडिंग सब्सिडी के लिए

शांक्‍सी प्रांत ने चीन में पहली बार शादी के लिए सब्सिडी दे रहा है इसके लिए कए एप बनाया गया है। शादी समारोह, वेडिंग ड्रेस और विभिन्‍न आयोजनों पर हुए खर्च का आकलन एप से होता है कुल खर्च का 5 प्रतिशत सब्सिडी के तौर पर दिया जाता है। हनीमून ट्रेवल पर हुए खर्च पर भी यह सब्सिडी लागू होती है। प्रशासन ने इस साल 100 करोड़ रूपए का बजट तय कर रखा है।

 

मां-बच्‍चे की सेहत के लिए फीटस प्रिवेंशन लीव

जुलाई माह में ही जिआंग्‍सु प्रांत ने इस बारे में घोषणा की है। अगस्‍त से यह लागू लागू भी हो जाएगी। इसके तहत जो भी कामकाजी महिलाएं गर्भवती हैं, उन्‍हें डॉक्‍टर से लिखवाने के बाद काम से छुट्टी मिल सकेगी। यह फीटस प्रिवेंशन लीवपहले या आखिरी तीन माह में ली जा सकेगी। ताकि मां और गर्भस्‍थ शिशु को किसी तरह की समस्‍या न पहुंचे। हालांकि इन महिलाओं को 80 प्रतिशत सैलरी मिलती रहेगी। इससे उनके मैटरनिटी लीव में कमी नहीं होगी। अलग-अलग प्रांतों में 98 दिन से एक साल तक मैटरनिटी लीव का प्रावधान है।

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