[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा इन्हें रोका क्यों नहीं जा रहा है  – News 4 India

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा इन्हें रोका क्यों नहीं जा रहा है 

नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। देश में हो रही दुष्‍कर्म की घटनाओं पर 7 अगस्‍त को सुप्रीम कोर्ट ने तल्‍ख दिप्‍पणी की। कोर्ट ने कहा कि साल में दुष्‍कर्म के 38,947 केस दर्ज होत हैं यानि कि हर छह घंटे में एक दुष्‍कर्म। लेफ्ट, राइट और सेंटर हर जगह दुष्‍कर्म हो रहे हैं। देश में यह क्‍या हो रहा है। यह रोका क्‍यों नहीं जा रहा है।

मुजफ्फरपुर के शेल्‍टर होम दुष्‍कर्म केस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह टिप्‍पणी की। कोर्ट ने प्रिंट, इलेक्‍ट्रानिक और सोशल मीडिया में दुष्‍कर्म पीडि़ता का फोटो किसी भी हालत में नहीं छापने का आदेश दिया है। पहचान छुपाकर या धुंधला करके भी फोटो नहीं छपेगा। नाबालिग पीडि़ता के इंटरव्‍यू पर भी रोक लगा दी है।

राष्‍ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और राज्‍य आयोग के सदस्‍य ही काउंसलर की मौजूदगी में बच्‍ची से बात कर सकेंगे। कोर्ट ने केंद्र से यह बताने को कहा है कि शेल्‍टर होम में शोषण रोकने को क्‍या-क्‍या कदम उठाए हैं। एनजीओ पर सर्वे रिपोर्ट भी मांगी है। अगली सुनवाई 14 अगस्‍त को होगी। दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल ने पक्षकार बनने की अपील की। कोर्ट ने उन्‍हें फटकार लगाते हुए कहा कि राजनीति कोर्ट से बाहर रखें।

पढि़ये कोर्ट के लाइव कार्यवाही

अपर्णा भट्टा(एमिकस क्‍यूरी)- शेल्‍टर होम की एक बच्‍ची लापता है। 40-41 बच्चियां निकाली गई हैं।

रंजीत कुमार (बिहार सरकार)- 23 मई को रिपोर्ट मिली थी सरकार ने 31 मई को कार्रवाई की। लड़कियां 29 मई को ही शिफ्ट की जा चुकी थीं।

जस्टिस एमबी लोकुर- लोगों के टैक्‍स से ऐसी संस्‍थाओं को फंड मिलता है। 3-4 साल बिना जांच एनजीओ को फंड दिया। ऐसे शेल्‍टर होम्‍स को सरकार फलने-फूलने क्‍यों देती है।

रंजीत- समय-समय पर एनजीओ का सोशल ऑडिट करते रहते हैं।

अपर्णा- अधिकारी सिर्फ फाइलें जांचते थे किसी बच्‍ची से बात नहीं की। एनजीओ के शेल्‍टर होम्‍स का सोशल ऑडिट स्‍वतंत्र एजेंसी से करवाना चाहिए।

जस्टिस लोकुर- शेल्‍टर होम्‍स की रोज मॉनिटरिंग होनी चाहिए। सीसीटीवी कैमरे भी लगने चाहिए। बिहार सरकार ने शेल्‍टर होम की विश्‍वसनीयता की जांच कब की थी क्‍या लड़कियों की काउंसलिंग कराई।

अपर्णा- यह सिर्फ एक एनजीओ के शेल्‍टर होम में गड़बड़ का मामला नहीं है। सरकार के सर्वे में सरकारी फंड पर पनप रहे ऐसे 15 और एनजीओ का पता चला है।

जस्टिस लोकुर- यूपी के देवरिया में भी ऐसी घटना हुई है। दुष्‍कर्म की घटनाएं सबसे ज्‍यादा मप्र में और दूसरे नंबर पर यूपी में होती हैं। बिहार में भी स्थिति खराब में हैं इन्‍हें रोका क्‍यों नहीं जा रहा।

रंजीत- राज्‍य सरकार एनजीओ पर की गई कार्रवाई पेश करेगी, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं करेंगे। अभी कुछ लोगों पर कार्रवाई बाकी है। एनजीओ का फंड रोक दिया है।

जस्टिस लोकुर- एनजीओ को केंद्र की एडवाइजरी फॉलो करने के लिए कैसे बाध्‍य करेंगे। क्‍या फंड रोकने से समस्‍या कम होगी। एनजीओ का ऑडिट कैग से होना चाहिए।

देवरिया शेल्‍टर होम के सेक्‍स रैकेट से छुड़ाई गईं 24 लड़कियों की 7 अगस्‍त को पुलिस ने मेडिकल जांच करवाई। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में तीन लड़कियोंने शेल्‍टर होम में यौन शोषण के आरोप लगाए। हालांकि उन्‍होंने अपना नहीं, दूसरी लड़कियों का यौन शोषण होने की बात कही। आरोपों की किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है। इसी बीच, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सीबीआई जांच का ऐलान कर दिया है। दूसरी तरफ,शेल्‍टर होम से लापता एक लड़की 7 अगस्‍त को गोरखपुर के वृद्धाश्रम में मिली। यह वृद्धाश्रम भी शेल्‍टर होम संचालक गिरिजा त्रिपाठी के मां विध्‍यावासिनी एनजीओ का है। एडिशनल डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट प्रभुनाथ ने बताया कि वृद्धाश्रम के रजिस्‍टर के अनुसार 21 साल की रानी डीहा यहां पांच अगस्‍त को लाई गई थी। वह अभी सदमें में है युवती को वृद्धाश्रम में रखना गैर कानूनी है। वृद्धाश्रम सील कर दिया गया है। पांच अगस्‍त की रात ही पुलिस ने शेल्‍टर होम पर छापा मारकर 24 लड़कियां छुड़ाई थीं। इन्‍हीं में से एक लड़की ने बताया  कि शेल्‍टर होम से लड़कियां गोरखपुर में ले जाई जाती थीं।

राहुल गांधी ने कहा कि यूपी में महिलाओं से दुष्‍कर्म हो रहा है। झारखंड और कई राज्‍यों में ब‍च्चियों से दुष्‍कर्म हो रहे हैं। लेकिन पीएम मोदी एक शब्‍द नहीं बोल सकते। वह बुलेट ट्रेन, हवाई जहाज, टॉयलेट सहित हर चीज पर बोलते हैं, लेकिन महिलाओं पर नहीं। भारत बदलने के बारे में बात करते हैं। 70 साल की बात करते हैं, लेकिन चार साल में महिलाओं के साथ जो हुआ है वह इस देश में 70 तो क्‍या पिछले तीन हजार साल में भी नहीं हुआ।

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