[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: फिर आने लगे पुराने चेहरे सामने – News 4 India

फिर आने लगे पुराने चेहरे सामने

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। कुछ समय पहले जिले में सट्टे और शराब का कारोबार लगभग बंद हो चुका था.  केवल जिले में ही नहीं पूरे देश और प्रदेश में अपने अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने जिले में सट्टे का व्यापार पूरी तरीके से बंद करवा दिया था और वहीं दूसरी और अवैध शराब की बिक्री भी जिले में पूर्ण रुप से बंद हो चुकी थी, किंतु 2 माह पहले यहां से स्थानांतरित होकर रतलाम जाने के बाद कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है.  जो चेहरे अब तक छुपकर रहते थे वह अब सामने आने लगे हैं. यही कारण था कि पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी की ट्रांसफर की बात सुनकर कुछ सफेद सफेदपोश रसूखदार लोगों ने जाम छलकाए थे और खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी.  वही वह लोग जो अपनी जिले में शांति और अवैध व्यापार को बंद करवाना चाहते थे उन लोगों के आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे अपने चाहने वालों की आंखों से बहते आंसू को देखकर पुलिस अधीक्षक जो एक सख्त पुलिस अधीक्षक माने जाते हैं  वे भी रो पड़े थे और यह विषय पूरे प्रशासनिक महकमे में चर्चा का विषय बन गया था. यहां तक की विभिन्न समाचार पत्रों एवं न्यूज़ चैनलों में भी यह बात चर्चा का विषय बन गई थी कि इतने सख्त पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी छिंदवाड़ा से ट्रांसफर होने के बाद अपने चाहने वाले के आंसू को देख कर रो पड़े थे सच ही कहा जाता है ना कि जिस प्रकार नारियल बाहर से दिखने में तो सख्त होता है किंतु अंदर से मुलायम होता है . ताकि वह अपनी बाहरी कठोर आवरण से अंदर की बचत कर सके वैसे ही पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी बाहर से सख्त केवल उन्हीं के लिए हैं जो अवैध कारोबार में लिप्त हैं या कोई गलत कार्य करते हैं किंतु वह  कितने नरम दिल के  हैं यह तो उनके आंसुओं ने साबित ही कर दिया आज भी पूरा जिला उन्हें याद करता है और बातों बातों में लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं और गला भर आता है हम उम्मीद करते हैं कि जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह भी इसी प्रकार से जिले में चल रहे अवैध कारोबार अवैध शराब को बंद करा कर जनता के हित में कार्य करेंगे।

शहर में सट्टे का कारोबार अब तक चोरी छुपे चल रहा था, लेकिन फिर से शहर में सटोरियों ने खुलेआम सट्टा पट्टी काटना और क्रिकेट सट्टे पर दांव लगाना शुरू कर दिया है। सट्टा कारोबार के पुराने चेहर फिर से उभरने लगे हैं। जिनमें से कुछ रसूखदार सटोरिए भी सक्रिय नजर आने लगे हैं। सट्टा का कारोबार पूरे जिले में संचालित हो रहा है। पुलिस की सख्‍ती के बाद कारोबार चोरी छुपे चलने लगा और खाईबाज अंडरग्राउंड हो गए। अब पुलिस की सख्‍ती कम होते ही सट्टे का कारोबार फिर से खुलेआम शुरू हो गया है। शहर के कुछ क्षेत्र सट्टा कारोबार के लिए पहले भी चर्चित रहे हैं। इन क्षेत्रों में खाईबाजों के दल सक्रिय हैं। खाईबाज गैंग बनाकर काम कर रहे हैं। और उन्‍होंने क्षेत्र में सट्टा पट्टी काटने के लिए लड़के लगा रखे हैं।

क्रिकेट मैच में एक्टिव हो जाते हैं

क्रिकेट सट्टा भी शहर में स्‍थापित हो गया है, क्रिकेट सट्टा कारोबार करने वाले सटोरियों ने एसी कमरों में अपना ऑन लाइन सेटअप बना रखा है। जब भी क्रिकेट के राष्‍ट्रीय व अंतर्राष्‍ट्रीय मैच शुरू होते हैं सटोरिए भी सक्रिय हो जाते हैं। इन एसी कमरों में क्रिकेट मैच के दौरान हर दिन करोड़ों रूपए के दांव लगते हैं। क्रिकेट सट्टे के लिए नागपुर के बुकी भी जिले में सक्रिय हैं।

जिले में सट्टा का कारोबार करने वाले रसूखदार चेहरे भी शामिल हैं जो अब फिर सक्रिय होने लगे हैं। श्‍याम टॉकिज क्षेत्र में एक रसूखदार नेता, चांदामेटा में चर्चित चेहरा और ऐसे ही कई रसूखदार इस कारोबार में सक्रिय हैं जो अब फिर से अपना करोबार फैलाने लगे हैं।

यहां है खाईबाज सक्रिय

श्‍याम टॉकिज क्षेत्र में खाईबाजों का गुट सक्रिय है।

गांधीगंज क्षेत्र में एक रसूखदार क्रिकेट सट्टा और अंक सट्टा में सक्रिय है।

टीवी सेनेटोरियम के पास सट्टा पट्टी काटने वाले खड़े रहते हैं।

नागपुर नाका में कई साल से खाईबाजों का गैंक सक्रिय है।

पालिका बाजार में हर दिन दोपहर में 6-7 खाईबाज एक साथ मिलते हैं और कारोबार संचालित करते हैं।

लालबाग, छोटीबाजार, गुलाबरा जैसे सघन रिहायशी क्षेत्रों में सटोरियों के ठिकाने बने हुए हैं।

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