[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: पुलिस  अब तक खंगाल रही हैं दस्तावेज – News 4 India

पुलिस  अब तक खंगाल रही हैं दस्तावेज

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। जिले में चांदी-सोने की तस्‍करी भी जोरों पर है। एक सूचना मिली जिस पर गंभीरता से कार्रवाई कर कुंडीपुरा पुलिस ने लगभग 64 लाख रूपए की चांदी बिना खरीदी-बिक्री के दस्‍तावेज के पकड़ लिया। लेकिन इतना बड़ा मामला उजागर होने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न ही पकड़े गए व्‍यापारियों पर हो सकी और न ही तस्‍करी को लेकर कोई अमला सक्रिय हुआ। कुंडीपुरा पुलिस ने 31 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर एक लक्‍जरी कार से 260 किलों चांदी की पायल बरामद की।

यह पायल शहर के व्‍यापारियों को सप्‍लाई के लिए लाई जा रहीं थीं। पुलिस ने चांदी तस्‍करी का मामला तो उजागर किया, लेकिन इस मामले में आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। 64 लाख रूपए कीमत का यह माल किसी बड़े कारोबारी का बताया जा रहा है जो बिना बिल के शहर के चार सर्राफा व्‍यापारियों के यहां सप्‍लाई किया जाना था। हालांकि चांदी पकड़े जाने के बाद शहर का कोई भी सर्राफा व्‍यापारी पकड़े गए व्‍यापारियों की मदद के लिए नहीं आया है।

किसन क्‍या किया

कुंडीपुरा पुलिस- कुंडीपुरा पुलिस ने 31 जुलाई को नरसिंहपुर बायपास पर एक कार से चांदी पकड़ी। इस मामले में चार कथित सर्राफा व्‍यापारी भी गिरफ्तार किए गए। पुलिस इतना बड़ा मामला उजागरकरने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई। पुलिस ने चांदी जप्‍त की है जो दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराए जाने के बाद कोर्ट से छूट जाएगी।पकड़े गए चार लोगों के खिलाफ धारा 151 सीआरपीसी की कार्रवाई की गई1 इससे ज्‍यादा कोई कार्रवाई करने का पुलिस के पास प्रावधान ही नहीं है।

जीएसटी डिपार्टमेंट-

जिले की सीमा पर भारी मात्रा में चांदी पकड़े जाने की सूचना जीएसटी डिपार्टमेंट को दी गई। इस मामले में सेंट्रल जीएसटी की टीम जबलपुर से जांच करने आई और तफ्तीश की है। व्‍यापारियों को दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराने का समय दिया गया है हालांकि जीएसटी का फॉल्‍ट इस मामले में पाया जाता है तो सेंट्रल जीएसटी कुल माल पर 3 प्रतिशत तक पेनाल्‍टी लगा सकती है। अब तक जीएसटी की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट

इंकमटैक्‍स डिपार्टमेंट को भी इस चांदी तस्‍करी की सूचना दी गई। विभाग फिलहाल मामले की जांच कर रहा है। हालांकि यह माल जिस व्‍यापारी का है उसका करोबार पूरे देश में फैला हुआ है। बड़ी बात यह है कि जिस व्‍यापारी ने माल की जवाबदारी ली है वह ब्रोकर की भूमिका में है। माल की सप्‍लाई के बाद इस व्‍यापारी का कमिशन तय होता है। इंकमटैक्‍स विभाग आगे इस मामले में कार्रवाई कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *