[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: मध्य प्रदेश सरकार ने किया अधिनियम का उल्लंघन सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका  – News 4 India

मध्य प्रदेश सरकार ने किया अधिनियम का उल्लंघन सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका 

जबलपुर न्‍यूज 4 इंडिया। मप्र सरकार द्वारा एक जुलाई से प्रदेश में लागू की गई सरल बिजली बिल और बकाया बिजली बिल माफी योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में मप्र हाईकोर्ट द्वारा 13 जुलाई 2018 को बिजली बिल माफी के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई  है। याचिका पर अगले सप्‍ताह सुनवाई होने की संभावना है।

नागरिक उपभोक्‍ता मार्गदर्शक मंच के अध्‍यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे और डॉ. एमए खान की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि मप्र सरकार ने एक जुलाई से सरल बिजली बिल और ब‍काया बिजली बिल माफी योजना लागू की है। विद्युत अधिनियम की धारा 65 के अनुसार यदि राज्‍य सरकार बिजली बिल में किसी को छूट प्रदान करती है तो उसे बिजली कंपनियों के पास अग्रिम राशि जमा करना होगा। सरल बिजली बिल और बकाया बिजली बिल माफी योजना के तहत राज्‍य सरकार को बिजली कंपनियों के पास 5179 करोड़ रूपए जमा करना था, लेकिन राज्‍य सरकार ने बिना राशि जमा किए योजना लागू कर दी। सरकार ने अधिनियम का उल्‍लंघन किया है। याचिका में कहा गया है कि सरकार यदि 5179 करोड़ रूपए जमा नहीं करती है तो बिजली कंपनियां भारी घाटे में आ जाएंगी। बिजली कं‍पनियां इस घाटे की भरपाई अन्‍य श्रेणियों के उपभोक्‍ताओं से करेंगी। सरकार द्वारा सब्सिडी जमा नहीं करने से बिजली कंपनियों की कार्यक्षमता पर असर पड़ेगा। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2003 में तत्‍कालीन राज्‍य सरकार ने मुफ्त बिजली की योजना बिना अग्रिज जमा किए लागू कर दी थी। हाईकोर्ट ने नागरिक उपभोक्‍ता मार्गदर्शक मंच की याचिका पर आदेश जारी कर राज्‍य सरकार को अग्रिम राशि जमा करने का आदेश दिया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्‍य सरकार ने मुफ्त बिजली की योजना विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लागू की है। याचिका में अधिवक्‍ता अक्षत श्रीवास्‍तव पैरवी कर रहे हैं।

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