[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: जनजाति आयोग जनजातियों का कवच और न्यायालय है – News 4 India

जनजाति आयोग जनजातियों का कवच और न्यायालय है

छिंदवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया।  सुश्री अनुसुईया उइके, उपाध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग भारत सरकार के मुख्य आतिथ्य में जुन्नारदेव बिरसामुंडा भवन एवं राशि लान सिवनी में हर्षोल्लास से संपन्न हुआ।
 
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जुन्नारदेव में जिला स्तरीय आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति आयोग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुसुईया उइके, कलेक्टर श्री वेद प्रकाश, आदिवासी सहायक आयुक्त श्रीमती शिल्पा जैन, स्थानीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनजाति एवं समाज के व्यक्ति मौजूद थे। कार्यक्रम आदिवासी समाज को गौरवान्वित करनेवाले 38 छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया साथ ही उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस कनेक्शन बाटे गये, विशेष जनजाति परिवार पोषण योजना अंतर्गत आदिवासियों को एक एक हजार रुपए की परिवार पोषण सहायता राशि भी प्रदान की गई, आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा आदिवासी आयुक्त कार्यालय के माध्यम से कराया गया था जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन का लाइव टेलीकास्ट किया गया।
 
इसी प्रकार से आदिवासी सेवा मंडल सिवनी द्वारा भी राशि लान में आदिवासी दिवस का प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सिवनी जिले के जनजाति वर्ग के दूरस्थ स्थलों से उपस्थित व्यक्तियों ने उपस्थित होकर अपनी कला, सॅंस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और जनजाति वर्ग का प्राचीन कालीन इतिहास का प्रदर्शन भी किया।
सुश्री अनुसुईया उइके जी द्वारा अपने उदबोधन में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की कार्यप्रणाली, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिये कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही शिक्षित युवाओं का आहवान किया कि वे केवल सरकारी नौकरी के पीछे न भागें और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर औ़द्योगिक संस्थानों में अपना रोजगार तलाशकर स्थान बनाएॅं। समाज के जो व्यक्ति उच्चपदों पर पहुॅंच गये हैं वे अपने वर्ग के बच्चों को मार्गदर्शन और सहयोग करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमारा धर्म और सॅंस्कृति विशिष्ट है इसलिये हमें संविधान ने विशेष अधिकार दिये हैं इसिलये हमें अपनी विशिष्टिता बनाएॅं रखना चाहिए। हमारी कला, गीत संगीत भी विशिष्टिता रखे हुए है जिसका अनुशरण आज बालीवुड में भी किया जा रहा है। आदिवासी संस्कृति के गोदना आज टेटू के नाम से युवा वर्ग में फैशन है। जनजाति वर्ग के व्यक्ति ईमानदार स्वाभिमानी है वह भूखा मर सकता है किन्तु भीख नहीं मांगता और बेईमानी नहीं करता। साथ ही महिलाओं का आहवान किया कि वे किसी के बहकावे में न आकर अपना अच्छा बुरा सोचें और अपने धर्म, सॅंस्कृति का त्याग न करें। जनजाति वर्ग के महानायक बिरसामुंडा जी के जन्मदिवस पर सम्पूर्ण भारत में विशिष्ट आयोजन किये जाने चाहिए ताकि जनजाति वर्ग के युवा अपने इस महानायक के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।

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