[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: जिले में बढ़ी अनजानों की चहलकदमी ,आखिर कौन है ये – News 4 India

जिले में बढ़ी अनजानों की चहलकदमी ,आखिर कौन है ये

 

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। शहर में बिना पहचान के सैकड़ों बाहर संदिग्‍ध रह रहे हैं, जिनके पास खुद का पहचान पत्र भी नहीं है। यह बाहरी संदिग्‍ध मुख्‍य रूप से सोने चांदी के जेवन बनाने, तराशने और सफाई का काम काराखानों में करते हैं। बंगाल में 40 लाख बांग्‍लादेशी नागरिक होने का खुलासा होने के बाद छिंदवाड़ा में रह रहे बाहरी लोगों की पहचान समस्‍या बन सकती है। शहर में ऐसे कई कारोबार हैं, जिनमें बाहरी लोग काम करते हैं और उन लोगों की पहचान भी किसी के पास नहीं है। शहर में सोने-चांदी के जेवर बनाने वाले लगभग 15-16 कारखाने सक्रिय हैं। इन कारखानों में काम करने वाले मुख्‍य रूप से बंगाल से आकर यहां रहते हैं। हर कारखाने में 15 से 20 लोग जेवर बनाने, साफ करने, रिपेयरिंग, पॉलिशिंग और कटिंग सहित सोना गलाने का काम करते हैं। सूत्रों के अनुसार मानें तो इन जेवन बनाने वाले कारखानों में 70 से 80 प्रतिशत लोग बंगाल राज्‍य से हैं।

कहीं बांग्‍लादेशी तो नहीं संदिग्‍ध

शहर में रह रहे सैंकड़ों बाहरी संदिग्‍ध कारीगर कहीं बांग्‍लादेश से संबंधित तो नहीं है, यह सवाल भी अब उठने लगा है। बाहरी कारीगर ज्‍यादातर कलकत्‍ता या आसपास के क्षेत्र से ही यहां आकर रह रहे हैं। और संभावना यह भी है कि उनमें से ज्‍यादातर के पास खुद के पहचान पत्र भी मौजूद नहीं हैं।

इन स्‍थानों पर संचालित हो रहे कारखाने

चूना गली छोटी बाजार, रॉयल चौक में तीन कारखाने, राजपाल चौक, छोटी माता मंदिर छोटी बाजार, करबला चौक पर, पॉवर हाउस छोटी बाजार के पास दो कारखाने, शक्ति चौक शिवमंदिर के पास, खिरकामोहल्‍ला में,पतालेश्‍वर में, चंदनगांव आदि जगह कारखाने संचालित हो रहे हैं।

सीएसपी छिंदवाड़ा, एसके सिंह ने कहा कि यह बात अभी संज्ञान में आई है। ऐसे बाहरी लोग शहर में रह रहे हैं, जिनका कोई रिकॉर्ड भी नहीं तो उनकी बारीकी से जांच की जाएगी। और बाहरी लोगों का रिकॉर्ड बनाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *