1 दिन की सजा हाईकोर्ट ने 10 साल में किया तब्दील

नागपुर न्यूज 4 इंडिया। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने वर्धा सत्र न्यायालय के फैसले को बदलकर दुष्कर्म के आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। चार वर्षीय बालिका से दुराचार के आरोपी को वर्धा सत्र न्यायालय ने एक की सजा दी थी। जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देख कर आरोपी को दुराचार का दोषी माना और उसे 10 साल की जेल की सजा सुनाई।

आरोपी पवन बद्री सुदीया(25) है औ वह वर्धा जिले के पुलगांव का निवासी है। मामले में सरकार की ओर से सरकार वकील नीरज जवाड़े ने पक्ष रखा। आरोपी ने पुलगांव के बाजार से बालिका को उठाया और नजदीकी स्कूल ले गया था। वहां उसने बालिका के साथ इस घिनौनी करतूत को अंजाम दिया था। उस समय वहां से गुजर रहे मन्नू खैराले की उस पर नजर पड़ी थी और खैराले ने आरोपी को धरदबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में खैराले की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन सत्र न्यायालय ने आरोपी को अन्य अत्याचारों को छोड़ विनयभंग का दोषी माना। कोर्ट ने सजा के तौर पर आरोपी को शाम को कोर्ट बंद होने तक खड़ेू रहने की सजा सुनाई, लेकिन राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती दी। जहां आरोपी को दस साल की सजा सुनाई गई।

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