नई सड़क, नया रास्‍ता, 84 हजार किमी लंबी

नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया।   देश में अर्थव्‍यवस्‍था की सुस्‍ती पर पार्टी के भीतर और बाहर घिर रही केंद्र सरकार ने 24 अक्‍टूबर को दो बड़े फैसले किए। पहला- 6.92 लाख करोड़ रू. की लागत से 5 साल में 83 हजार 677 किमी सड़क बनाने लक्ष्‍य रखा। दूसरा- दो साल में सरकारी बैंकों को 2.11 लाख करोड़ रूपए दिए जाएंगे। इससे बैंक ज्‍यादा कर्ज देने में सक्षम होंगे। वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने 24 अक्‍टूबर को इसकी घोषणा की। उनके साथ वित्‍त मंत्रालय के सभी पांच सचिव भी आए और बारी-बारी से सरकार के 25 फैसलों और योजनाओं की तारीफ की। इसके बाद जेटली ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए 5 साल का समय तय किया गया है इससे 14.2 करोड़ मानव दिवस रोजगार बनेगा। हालांकि नई योजना में 27 महीने पुराने भारतमाला प्रोजेक्‍ट को भी शामिल कर लिया गया है। इसके तहत 5.35 लाख करोड़ रूपए की लागत से 34,800 किमी सड़क बनाई जानी है। सड़कों पर कुल लागत का 45 प्रतिशत यानी 3.17 करोड़ रू. सेंट्रल रोड फंड और टोल से वसूले जाएंगे। भारतमाला के तहत गुजरात, राजस्‍थान, पंजाब, जम्‍मू-कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, उत्‍तरप्रदेश, बिहारा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम में सड़कें बनाई जानी हैं।

कैबिनेट फैसाला:

कैबिनेट ने छह नई आईआईटी के स्‍थायी कैंपस के लिए 7,002 करोड़ रू. को मंजूरी दी है। ये आईआईटी तिरूपति, पालक्‍कड (केरल), धारवाड़ (कर्नाटक), जम्‍मू, भिलाई और गोवा के हैं

आने वाले समय में सभी बैंकों को प्रशासनिक खर्च में कटौती करनी पड़ेगी। सभी स्‍टॉफ को काम का लक्ष्‍य दिया जाएगा। उनकी सैलरी के कुछ हिस्‍से को लक्ष्‍य से जोड़ा जा सकता है।

छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज लेना आसान हो गया है। सरकारी कंपनियों को इनसे खरीद बढ़ानी पड़ेगी।

सरकारी बैंकों को दिए जाएंगे 2.11 लाख करोड़

सरकार दो साल में बैंकों को 2.11 लाख करोड़ रू. देगी। इसमें से 1.35 लाख करोड़ रिकैपिटलाइजेशन बांड और 76,000 करोड़ बजटीय मदद से मिलेंगे। इसमें बैंकों की कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही बैकिंग सुधार भी लागू होंगे। नोटबंदी के बाद बैंकों के पास काफी कैश है। सरकार बांड जारी करेगी, जिसे बैंक खरीद सकंगे। इससे पहले 1990 के दशक के रिकैपिटलाइजेशन बांड जारी हुए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *