शिवराज के राज में गैंगरेप पर बड़ी कार्यवाही

भोपाल न्यूज 4 इंडिया। 31 अक्टूबर को 19 वर्षीय छात्रा के साथ गैंग रेप के तीन दिन बाद सरकार ने की कार्यवाही। शिवराज सिंह चौहान ने 3 नवंबर को डीजीपी सहित पुलिस के बड़े अफसरों को तलब किया और लापरवाही पर फटकार लगाई। तत्पश्चात पुलिस डीजीपी ने तीन थानों के टीआई और एक एसआई को संस्पेंड कर दिया। एक सीएसपी को भी हटा दिया। पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित कर दी। डीआईजी सुधीर लाड एसआईटी प्रमुख होंगे। उधर, पुलिस लापरवाही के खिलाफ जनता सड़क पर आ गई। शहर भर में दो दर्जन से ज्यादा प्रदर्शन हुए।

पहले एफआईआर नहीं लिखी फिर तेज एक्शन दिखाने के लिए निर्दोश को फंसाया। गैंगरेप के 24 घंटे बाद एफआईआर लिखने के कारण शर्मसार हुई राजधानी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई दिखाने की जल्दी में ही एक बेगुनाह राजेश राजपूत को चौथा आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की पुष्टि जीआरपी एसपी अनिता मालवीय ने की थी। जांच में राजेश बेगुनाह निकला। पेशे से काल चालक राजेश घटना वाले दिन इंदौर में था। 3 नवंबर शाम रिहाई से पहले राजेश को तीन दिन तक पुलिस लॉकअप में यातनाएं सहनी पड़ीं।

पूछने पर बिफर्री जीआरपी एसपी 2 नवंबर को चारो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा करने वाली जीआरपी एसपी अनीता मालवीय से बेगुनाह राजेश के बारे में सवाल पूछा तो वह बिफर गई और बोलीं सीनियर्स से बात करो। जनता का गुस्सा फूटा।

कांग्रेस ने थाना घेरा, 26 जगह प्रदर्शन 3 नवंबर को पुलिस की लापरवाही से नाराज जनता सड़क पर उतर आई। बोर्ड ऑफिस  समेत शहर के 26 स्थानों पर कई संगठनों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। इधर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हबीबगंज जीआरपी थाने का घेराव कर दिया। कार्यकर्ताओं ने थाने का गेट बंद करके करीब आधा घंटे तक नारेबाजी की। पुलिसकर्मी थाने के अंदर बैठे रहे।

कार्यवाहियां

  1. संजय सिंह बैस, एमपी नगर टीआई -पीड़ित परिवार सबसे पहले एमपी नगर थाने के सब-इंस्पेक्टर आरएन टेकाम से मिला। टेकाम ने उन्हें हबीबगंज थाने भेज दिया। टीआई बैस का दावा कि टेकाम ने उन्हें कुछ नहीं बताया। आपसी तालमाल न होने से ऐसा हुआ। बाद में टीआई को पूरा मामला पता थी चला तो वो दबा गए।
  2. रवीद्र यादव, हबीबगंज टीआई -पीड़ित परिवार हबीबगंज थाने पहुंचा तो टीआई यादव ने करीब 20 मिनट तक उनकी बात सुनी, फिर अफसरों को बताया, लेकिन एफआईआर करने की बजाय 4 घंटे तक टालमटोली करते रहे। अपने जिम्मेदार से मुंह चुराकर अफसरों पर टालते रहे।
  3. मोहित सक्सेना, जीआरपी हबीबगंज टीआई -पीड़िता हबीबगंज से जीआरपी थाने पहुंची तो टीआई सक्सेना ने दो घंटे तक कहानी सुनने के बाद पीड़ित परिवार से अभद्रता की। परेशान परिवार ने जब अपनी पीड़ा वरिष्ठ अफसरों को सुनाई तो भी टीआई सक्सेना सीमा क्षेत्र का विवाद ही बताते रहे।
  4. भवानी प्रसाद उईके जीआरपी एसआई -पीड़िता को लेकर घटनास्थल पर और फिर उसी पर संदेह करने लगे और उससे अभद्रता की । पीड़िता की व्यथा को फिल्मी कहानी तक बताया।
  5. कुलवंत सिंह, सीएसपी एमपी नगर – मातहतों से जानकारी मिलने के बाद यही कहते रहे कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं मिली। वरिष्ठ अफसरों ने पूछा तो कुछ जवाब नहीं दे पाए।

इन अफसरों को अभयदान

जीआरपी एसपी अनीता मालवीय, सीएसपी हबीबगंज भूपेंद्र सिंह, जोन-1 के एएसपी धर्मवीर सिंह यादव, जोन-2 के एएसपी हितेश चौधरी। सीएसपी हबीबगंज, एएसपी धर्मवीर के थाना क्षेत्र में हबीबगंज आता है, जबकि हितेश  चौधरी के इलाके में एमपी नगर आता है। मामला दर्ज कराने में इनकी भी जिम्मेदारी थी।

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