पहले लगाया करंट, फिर चाकू से गोदकर मां को उतारा मौत के घाट

वाराणसी  न्‍यूज 4 इंडिया। कैंट थाना क्षेत्र के लालपुर इलाके में दैत्यावीर बाबा मंदिर के पास प्लास्टिक में मिले महिला के अर्धनग्न शव के मामले का 22 September को खुलासा हो गया है। सिगरा थाना के औरंगाबाद की निवासी महिला मीरा जयसवाल की हत्या उसके बेटे अमित ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर की थी। परिवार पर मां के नियंत्रण से परेशान अमित ने पहले उसे करंट दिया और बाद में चाकू से वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि मीरा जयसवाल की हत्या बेटे अमित ने अपने दो साथियों धीरज और शिवम् के साथ मिलकर 18 तारीख की रात में की थी। 19 की रात को शव को फेंका गया था। अमित ने बताया कि उसकी मां ने झगड़ा करके उसकी पत्नी को मायके भेज दिया था, जिससे वह परेशान था। मां की तानाशाही से परेशान होकर ही दस साल पहले उसके पिता अनिल घर छोड़कर चले गए थे। मां ने इलेक्ट्रॉनिक्स की दुखान खुलवाई थी, जिसमें उसे नौकर की तरह रखा गया था।

दुकान के अकाउंटेंट धीरज ने हत्या में साथ दिया था। पहले चूहा मारने वाली दवा देकर हत्या का प्लान बनाया गया था, लेकिन वह हिम्मत नहीं जुटा सके। धीरज ने अपने दोस्त शिवम् को प्लान में जोड़ा। प्लान के मुताबित 17 तारीख को पहले 15 नींद की गोलियां मीरा को दी गईं। शिवम् को मां का मोबाइल लेकर सोनभद्र, रॉबर्ट्सगंज और मिर्जापुर उसी दिन भेजा गया, ताकी पुलिस को रिश्तेदारों पर शक हो। 18 तारीख की शाम को शिवम् वापस आ गया।

18 की रात अमित ने मां को फिर से 20 नींद की गोलिया दी। मां के सोने के बाद अमित और धीरज पांच बार बिजली का शॉक दिया। चीखने पर अमित ने मां के पेट और पीठ पर चाकू से 6 वार किए। फिर धीरज ने 10 वार किए। रात में कमरे में फैला खून साफ करके शव को पॉलीथिन में डालकर रख दिया।

19 तारीख को रेकी कर लाश को फेंकने का जगह तय की गई। दिन में आलमारी के डुप्लीकेट चाभी बनवाकर उसमें रखे एक लाख पंद्रह हजार रुपए निकाले। नया बक्सा खरीदकर उसमें शव को रखा और रात में तीनों ने शव को ठिकाने लगा दिया। इसके बाद वह बक्सा लेकर वापस आ गए।

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