मैंनेजमेट स्किल दोगुना तक बढ़ जाती है:रिपोर्ट

बॉस्‍टन न्‍यूज 4 इंडिया। दुनिया भर की 57 महिला सीईओ पर किए गए अध्‍ययन में पता चला है कि ऊंचे पद पर जो ही महिलाओं की मैंनेजिंग स्किल में दो गुना से ज्‍यादा सुधार आ जाता है। हार्वर्ड बिजनेस रिव्‍यू ने कॉर्न फेरी रिसर्च कंपनी की सहायत से ये अध्‍ययन किया। इसमें शामिल 57 सीईओ में से 41 सीईओ ऐसी थी, जो फॉच्‍यून लिस्‍टेड कंपनियों का प्रतिनिधित्‍व कर रही थीं। इसमें पता चला कि जब महिलाएं मैंनेजर से सीईओ यानी छोटे से बड़े पद पर जाती हैं तो उनमें कड़े फैसले लेने की क्षमता 2.33 गुना बढ़ जाती है। साथियों को प्रेरित करने की क्षमात में 2.64 गुना इजाफा होता है। अचछी टीम बनाने की क्षमता 2.62 गुना टैलेंट डेवलेपमेंट की क्षमता 2.62 गुना और मुश्किल परिस्थितियों में प्रबंधन की क्षमता 2.09 गुना बढ़ जाती है। इस अध्‍ययनके लिए 1.642 अन्‍य महिला प्रोफेशनल्‍स की भी राय ली गई।

महिलाओं में 6 सकारात्‍मक ट्रेंड दिखे

  1. बड़े पद के लिए मानसिक रूप से तैयारी रहती हैं- महिलाओं को बड़े पद तक पहुंचने में पुरूषों की तुलना में 10 गुना ज्‍यादा समय लगता है। इसलिए बड़ी जिम्‍मेदारी मिलने तक वो मानसिक रूप से बेहतर तरीके से तैयारी रहती है।
  2. सकारात्‍मक प्रभाव छोड़ने को लेकर ज्‍यादा प्रतिबद्ध होती हैं-बड़े पद पर सकारात्‍मक प्रभाव छोड़ना महिलाओं की प्राथमिकता होता है। इस बात को अध्‍ययन में एक तिहाई महिला सीईओ ने स्‍वीकार किया।
  3. बिजनेस के अनछुए पहलुओं तक जाने की इच्‍छाशक्ति- रिस्‍क लेने की इच्‍छाशक्ति महिला सीईओ में ज्‍यादा होती है। एक सीईओ ने बताया कि उनकी कंपनी का बिजनेस अटलांटा में सुस्‍त था। उन्‍होंने इस एजेंडे में रखा और सफल हुईं।
  4. एक्‍सपर्ट ओपिनियन लेने में नहीं झिझकतीं- बड़े पद पर बैठने के बाद किसी क्षेत्र के माहिर व्‍यक्ति से सलाह लेने में महिलाएं नहीं झिझकतीं। ये ट्रेंड पुरूषों में 55 प्रतिशत, जबकि महिलाओं में 70 प्रतिशत तक रहा।
  5. खुद पर उम्‍मीदों का बोझ कम, इसलिए सफल- 57 महिला सीईओ, में सिर्फ 5 ने कहा कि वो हमेशा से सीईओ बनना चाहती थीं। 3 ने कहा कि वो सिर्फ बड़ी जिम्‍मेदारी के बारे में सोचती थीं। बाकियों ने कभी इस बारे में सोचा ही नहीं था।
  6. नॉन-बिजनेस बैकग्राउंड- अध्‍ययन में शामिल सीईओ में से सिर्फ 20 प्रतिशत ऐसी थीं, जिनका फैमिली बैकग्राउंड बिजनेस, फाइनेंस या अर्थशास्‍त्र से जुड़ा रहा है। बाकी सभी नॉन-बिजनेस बैकग्राउंड से थीं।

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