नहीं देते ‘एनओसी’

दंतेवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। सरकारी कर्मचारियों को लापरवाही, महीनों एक ही विभाग में फाइल अटकना, कई साल बीतने पर भी काम न होना, ऐसे ढेरों मामले अक्‍सर सामने आते हैं, लेकिन दंतेवाड़ा के पास दर्जनों ऐसे गांव हैं, जहां सरकार ने तो काम करने के लिए बजट तक मंजूर कर दिया है, मगर काम इसलिए पूरा नहींहो पा रहा है, क्‍योंकि नक्‍सलियों ने उस काम के लिए स्‍वीकृति नहीं दी है। नक्‍सल प्रभावित इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना का ऐसा ही हाल है। झोपडि़यों में जिंदगी गुजार रहे ग्रामीणों के लिए पक्‍का मकान सपना है। इस योजना के तहत दंतेवाड़ा में 2600 मकान बनने हैं, इसमें अभी 437 का काम ही पूरा हुआ है। दंतेवाड़ा के 60 किमी के दायरे में दो संवेदनशील ब्‍लॉक के ऐसे पांच गांवोंकी पड़ताल की। इनमें से तीन गांवों में नक्‍सलियों ने स्‍वीकृत आवासों में आधे से कम को ही बनाने दिया है, प्रशासन चाहते हुए भी काम नहीं करा पा रहा है। दंतेवाड़ा के जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौरव सिंह का कहना है कि हमारे लिए काम शुरू करने से नक्‍सली उन्‍हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमारी हर कोशिश है कि जहां संभव है वहां काम शुरू हो जाए। वहीं दो गांव ऐसे हैं जहां अर्धसैनिक बलों का कैंपलगने से पीएम आवास बनने लगे हैं, कई आदिवासी परिवारों को पक्‍की छत मिल भी गई है। दंतेवाड़ा से 30 किमी दूर कुआकोंडा ब्‍लॉक का एक गांव, यहां सरकार ने सबसे अधिक 143 पीएम आवासों को स्‍वीकृ‍त किया है। मई 2016 में इस दुर्गम गांव में लोगों ने उत्‍साहित होकर काम भी शुरू किया। पांच घर बनने ही शुरू हुए कि नक्‍सलियों ने काम रूकवा दिया। सालभर यहां के लोग मकान बनाने की इजाजत लेने नक्‍सलियों के पास अर्जी देते रहे, हाल में नक्‍सलियों ने 143 में से सिर्फ 30 मकानों को मंजूरी दी है। उनकी शर्त है कि इनकी छत भी एस्‍बेस्‍टस शीट या टीन की ही होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *