अफसरों पर गिर सकती है गाज

गुरूग्राम न्‍यूज 4 इंडिया। भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्‍कूल में मासूम प्रद्युम्‍न की हत्‍या केस में गुड़गांव पुलिस के आला अफसरों को अब जवाब देना होगा। यदि सीबीआई जांच सही दिशा में है तो बड़ा सवाल है कि पुलिस ने आखिर यह कहानी क्‍यों रची। जल्‍दबाजी में कंडक्‍टर को क्‍यों अरेस्‍ट कर आरोपी बनाया गया। वहीं सीबीआई की जांच से भी पुलिस पड़ताल पर कई सवालिया निशान लगे हैं। सीबीआई जांच से जुड़े अफसरों पर कार्रवाई के लिए सूबे के डीजीपी को लेटर लिख सकती है। बीजेपी के विधायक उमेश अग्रवाल ने कहा कि यदि सीबीआई जांच सही तो केस की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्‍त कार्रवाई हो।

आला अफसरों ने की थी पूछताछ, रायन इंटरनेशनल स्‍कूल में मासूम छात्र प्रद्युम्‍न की हत्‍या के बाद पुलिस ने स्‍कूल बस के कंडक्‍टर अशोक को गिरफ्तार किया था। उससे एसआईटी के अलावा डीसीपी साउथ अशोक बख्‍शी, डीसीपी सुमित कुहाड़ एसीपी सोहना बर्हेम सिंह के अलावा कार्यकारी पुलिस कमिश्‍नर रहे हनीफ कुरैशी ने कंडक्‍टर से पूछताछ की थी। इसके बाद उसे आरोपी बनाकर अगलेदिन मीडिया के सामने पेश कर वाहवाही लूटी गई थी। हालांकि कंडक्‍टर के परिजन और खुद प्रद्युम्‍न के माता-पिता ने कहा था कि इस मर्डर के पीछे कोई और है।

22 कोर्ट में सुनवाई

दूसरी ओर कंडक्‍टर के वकील मोहित वर्मा ने कहा कि 10 नवंबर को कोर्ट में डिस्‍चार्ज की अर्जी लगाने के बाद कंडक्‍टर के बाहर आने पर पुलिस के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे। डिस्‍चार्ज की अर्जी पर सुनवाई 16 को है, जबकि कंडक्‍टर की इस केस में पेशी 22 को है। 22 तक ही आरोपी स्‍टूडेंट को बाल सुधार गृह भेजा गया है।

सीबीआई कस सकती है शिकंजा

सीबीआई डीजीपी को इस केस में जांच से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए लिख सकती है। रिमांड पर लेने के बाद सीबीआई का जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने दावा था कि उनके पास पर्याप्‍त सबूत हैं कि कंडक्‍टर बेकसूर क्‍यों है और स्‍टूडेंट आरोपी क्‍यों है।

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