इस साल ऑस्कर में यह फिल्म भेज रहा भारत

न्‍यूज 4 इंडिया।  रीमा दास की ये फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ एक बच्ची की कहानी है। बच्ची को गिटार बजाना बेहद पसंद है। ऐसे में बच्ची का सपना है कि वह एक गिटारिस्ट बने। साथ ही वह ऐसे समाज का हिस्सा है जो औरत के उठाए हर कदम पर सवालिया निशान खड़ा करता है। अब इस फिल्म को ऑस्कर के लिए चुना गया है।

इस बार ऑस्कर के लिए भारत की तरफ से रीमा दास की फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ जा रही है। ‘विलेज रॉकस्टार्स’ को फॉरेन लेंग्वेज कैटेगरी में रखा गया है। रीमा दास के निर्देशन में बनी फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ को इस साल ऑस्कर 2019 के लिए चुना गया है। 12 जूरी मेंबर्स ने मिलकर साल 2019 ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन लेंग्वेज फिल्म कैटेगरी के लिए ऑफीशियल कंटेडर चुने। इन जूरी मेंबर में एसवी राजेंद्र सिंह बाबू के अलावा शीबोप्रसाद मुखर्जी, मृनाल कुलकर्णी, विनोद गनत्रा के अलावा 8 और लोग इस कमेटी में शामिल थे।

जूरी मेंबर अनंत महादेवन कहते हैं- ‘विलेज रॉकस्टार्स’ एक ऐसी फिल्म है जो कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड रखती है। इस फिल्म को चुनकर हम इसे ऑस्कर के लिए भेज रहे हैं हमें गौरव है।’ बता दें, रीमा दास की ये फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ एक बच्ची की कहानी है। बच्ची को गिटार बजाना बेहद पसंद है। ऐसे में बच्ची का सपना है कि वह एक गिटारिस्ट बने। साथ ही वह ऐसे समाज का हिस्सा है जो औरत के उठाए हर कदम पर सवालिया निशान खड़ा करता है। ऐसे में ये 10 साल की धुनू (बनिता दास) संगीत की दुनिया में अपना एक नाम बनाना चाहती है।
रीमा दास बताती हैं- मेरे पास ‘विलेज रॉकस्टार’ का कोई आधार नहीं था। मेरे पास कोई क्रू नहीं था। मैंने कोई आर्टिफिशल लाइट का इस्तेमाल नहीं किया। मैंने इसे एक मैजिक लाइट में बनाया है। जब सुबह और दिन का मिलन होता है। और जब धूप तेज नहीं होती।’

Related posts

Leave a Comment