[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: राष्‍ट्रपति की अनुमति के बाद लागू होगा कानून – News 4 India

राष्‍ट्रपति की अनुमति के बाद लागू होगा कानून

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। विधानसभा में 30 नवंबर को विधि मंत्री रामपाल सिंह ने दुष्‍कर्म पर मृत्‍यु दंड के प्रावधान वाले बहुचर्चित दण्‍ड विधि मप्र संशोधन विधेयक को पेश कर दिया। सदन में चर्चा के बाद इसे पारित किया जाएगा। राज्‍यपाल इसका परीक्षण करने के बाद बिल की अंतिम स्‍वीकृति के लिए राष्‍ट्रपति के पास भेजेंगे। राष्‍ट्रपति केंद्र सरकार के परामर्श से इसकी स्‍वीकृति तय करेंगे। पूरी प्रक्रिया में लगभग एक वर्ष का सामान्‍य तौर पर समय लग सकता है।

विधेयक में भादंसं की तीन धारा

1 भारतीय दंड संहिता की धारा 354-क को समाप्‍त किया गया है।

2 धारा 354-ख में संशोधन। निर्वस्‍त्र करने से आशय से स्‍त्री पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग करने पर प्रथम दोष सिद्धि पर कम से कम 3 वर्ष जेल, किन्‍तु जो 7 वर्ष तक हो सकेगा व जुर्माना लगेगा। द्वितीय या पश्‍चातवर्ती दोष सिद्धि पर 7 वर्ष कठोर जेल, किन्‍तु जो 10 वर्ष तक का हो सकेगा और न्‍यूनतम एक लाख रूपये का जुर्माना। अपराध गैरजमानती होगा।

3 धारा 354-घ में संशोधन। स्‍त्री का पीछा करने पर प्रथम दोष सिद्धि पर 3 वर्ष जेल एवं जुर्माना लगेगा एवं द्वितीय या पश्‍चातवर्ती दोष सिद्धि पर 3 वर्ष जेल किन्‍तु 7 वर्ष तक हो सकेगा एवं न्‍यूनतम एक लाख रूपये का जुर्माना गैर जमानती अपराध।

4 धारा 376 का विस्‍तार कर 376-कक जोड़ी गई। 12 वर्ष तक की आयु की बच्‍ची के साथ दुष्‍कर्म पर मृत्‍यु दंड, कम से कम 14 वर्ष का आजीवन कारावास, जिससे उस व्‍यक्ति के शेष जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा व जुर्माना लगेगा। अपराध गैर जमानती होगा।

5 धारा 376-घक जोड़ी गई। 12 वर्ष तक की आयु की बच्‍ची के साथ सामूहिक दुष्‍कर्म पर मृत्‍युदंड, 20 वर्ष का कठोर कारावास, किन्‍तु जो आजीवन कारावास, जिससे उस व्‍यक्ति के शेष जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा व जुर्माना लगेगा।

6 धारा 493-क जोड़ी गई है। किसी स्‍त्री को शादी का झांसा देकर उससे सहवास अथवा मैथुन करने पर उसे कारावास जो 3 वर्ष तक हो सकेगा और जुर्माना लगेगा। यह अपराध भी जमानती होगा।

7 धारा 493 जिसमें पुरूष द्वारा स्‍त्री को, जो उससे विधिपूर्वक विवाहित नहीं है, विवाह करने का झांसा देकर सहवास करने पर दस वर्ष जेल व संज्ञेय अपराध होगा।

अपर सचिव विधि विभाग मप्र संतोष प्रसाद शुक्‍ला की कहा कि प्रक्रिया अनुसार इस विधेयक को पारित होने के बाद राज्‍यपाल परीक्षण उपरान्‍त इसे इसकी अंतिम स्‍वीकृति हेतु राष्‍ट्रपति के पास भेजेंगे।

 

One Comment

  • रवि कुमार द्विवेदी

    यह कारगर कानून साबित होगा यदि कड़ाई से लागू होगा।

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