[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: बेरहमी से पुलिस जवान के साथ मारपीट, फिर बोले गलती हो गई – News 4 India

बेरहमी से पुलिस जवान के साथ मारपीट, फिर बोले गलती हो गई

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। गोविंदपुरा थाने के सिपाही से ड्यूटी के दौरान मारपीअ का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद उलट गया। इसमें जवान के साथ बेहरमी से मारपीट करते हुए एक महिला और उसका पति साफ नजर आ रहे हैं। वे उसे लगातार पीट रहे हैं। पीटते हुए सड़क पर गिरा दिया है। जवान के मुंह से खून बह रहा है। वह पूछ भी रहा है कि उसका कुसूर क्‍या है, उसे क्‍यों मार जा रहा है। मगर वे दोनों एक नहीं सुने, बल्कि आसपास इकट्ठा लोगों को भी उकसा रहे हैं। 2 दिसंबर को दोनों के खिलाफ गोविंदपुरा पुलिस ने सरकारी कामकाज में बाधा डालने सहित पांच धाराओं में केस दर्ज किया है। वीडियो दोनों को दिखाया गया तो वे बोले हमसे गलती हो गई। 4 दिसंबर को उन्‍हें अदालत में पेश किया जाएगा। घटना के बारे में जानकारी सही आई है। उसके अनुसार सिपाही की बाइक को कार से ओवरटेक किया गया था। अमृतपुरी, खजूरी कला रोड निवासी धनंजय शर्मा और उनकी पत्‍नी अपर्णा ने इस काम को अंजाम दिया। वे दोनों भोजपाल मेला घूमने आए थे। धनंजय रियल एस्‍टेट का काम करते हैं पत्‍नी का बुटिक है। उनकी कार थाने के सामने पार्क थी। लौटते वक्‍त जब दोनों अपनी कार के पास पहुंचे, तब वह जवान थाने से निकलकर महात्‍मा गांधी चौराहे पर लगे प्‍वाइंट पर अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। थाने के सामने कार को लेकर सिपाही ने टोका तो दोनों बहस करने लगे। इसके बाद सिपाही बाइक लेकर चले गये। इसके बाद दंपत्ति कार लेकर घर जाने लगे। नटराज पेट्रोल पंप के पास नरेश उन्‍हें बाइक से जाते नजर आए। बाइक को ओवरटेक कर धनंजय ने नरेश का रास्‍ता रोक लिया और खींचकर पेट्रोल पंप की ओर ले आए। यहां पत्‍नी से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए धनंजय ने नरेश से मारपीट शुरू कर दी। महिला ने भी सिपाही को सैंडल से मारना शुरू कर दिया। ये देख पेट्रोल पंप पर खड़े अन्‍य लोग भी भिड़ पड़े। सिपाही की पीठ, सिर और मुंह में गंभीर चोट आईं। वह बार-बार यहीं पूछता रहा कि मुझे क्‍यों मार रहे हो, कोई तो बताओ, मैंने क्‍या किया है।

सोशल मीडिया पर चला विरोध

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। कुछ वाट्सएप ग्रुप्‍स में पुलिसकर्मियों और अफसरों ने भी मारपीट का विरोध किया। सबका यहीं तर्क था कि यदि सिपाही ने महिला या उनके पति के साथ अभद्र व्‍यवहार किया तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जा सकती थी। उसे इस कदर मारने का हक कानून किसी को नहीं देता। इन ग्रुप्‍स में पुलिस मुख्‍यालय के अफसर भी जुड़े थे।

 

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