[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: विजय माल्या ने क्यों कहा कि - मैं भारतीय नहीं | News 4 India

विजय माल्या ने क्यों कहा कि – मैं भारतीय नहीं

शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण के मुद्दे पर लंदन की अदालत में सोमवार को हो रही सुनवाई के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की एक संयुक्त टीम लंदन में है. सीबीआई व ईडी की टीम बैंकों का बड़ा कर्ज नहीं चुकाने और धोखाधड़ी व धनशोधन के मामले में विजय माल्या को भारत लाना चाहती है. सीबीआई-ईडी की टीम माल्या के प्रत्यर्पण के लिए अपने वकीलों का सहयोग करेगी. यह ब्रिटेन के साथ प्रत्यर्पण का दूसरा मामला है. भारत और ब्रिटेन के बीच 25 साल पहले प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे.
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प्रत्यर्पण पर सुनवाई सोमवार को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में हो रही है. माल्या ने अपनी सफाई में कहा है कि उस पर लगाए गए सभी आरोप फर्जी और आधारहीन हैं. उसने ये भी कहा कि वह 1992 से इंग्लैंड का नागरिक है.
भारतीय एजेंसियों ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि वे माल्या के खिलाफ पुख्ता सूबूत पेश करेंगे और उसे प्रत्यर्पित कराएंगे.
क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस यानी सीपीएस से मार्क सुमर्स अभियोजन पक्ष के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि माल्या के बचाव में क्लेयर मोंटगोमरी उतरेंगे.
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने माल्या पर 2,000 पृष्ठों का दस्तावेज जमा किया है, जिसमें उसने भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ कैसे धोखाधड़ी की और किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज को सालों तक दूसरे कार्यो में लगा रखा था, इसका विवरण है.
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त दस्तावेजी सबूत भी वेस्टमिंस्टर अदालत में हाल में जमा किए गए हैं.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने बीते महीने ब्रिटेन के आव्रजन मंत्री ब्रैडन लुईस के दौरे के दौरान माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर चर्चा की थी.
माल्या के खिलाफ 9,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप हैं.

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