[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: घूम रहे गिरोह, कभी मदद तो कभी घरों में बख्‍शीश मांगने के नाम पर ऐंठ रहे पैसे – News 4 India

घूम रहे गिरोह, कभी मदद तो कभी घरों में बख्‍शीश मांगने के नाम पर ऐंठ रहे पैसे

रायपुर न्‍यूज 4 इंडिया। राजधानी में पिछले कुछ दिनों से बाहरी और संदिग्‍ध लोग मोहल्‍ले और कॉलोनियों में जाकर काम करने और मदद के बहाने रेकी कर रहे हैं। सड़क पर गाडि़यां रोककर अपना सामान-पर्स चोरी होने की दुहाई देकर पैसे मांगते हैं, तो कभी बच्‍चे के जन्‍म पर गाते-बजाते घरों में घुस जाते हैं। बख्‍शीश मांगने वाली महिलाएं तो मन मुताबिक पैसे न मिलने पर अपशब्‍दों के साथ बच्‍चे-परिवार के नाम पर ताना मारने लगती हैं। इसे लेकर पुलिस को भी शिकायतें मिली हैं। आला अफसरों का कहना है कि इस तरह कोई भी संदिग्‍ध रास्‍ते या घर-कॉलोनी के आसपास दिखाई दे तो सबसे पहले उनके मोबाईल पर फोटो खींच ले और फिर तत्‍काल पुलिस को सूचना दें। शहर के पॉश इलाकों में संदिग्‍ध और बाहरी लोगों के घूमने की खबर मिल रही है। बीते कुद महीनों में हुई आपराधिक घटनाओं में अजीबोगरीब तरीके इस्‍तेमाल किए गए हैं। पिछले दो सप्‍ताह के अंदर कुछ कॉलोनियों में इस तरह के बाहरी लोग दिखाई दे रहे हैं। एक केस में सड़क पर सिग्‍नल में रूके कार चालकसे अपना बैग-पर्स चोरी होने के नाम पर मदद और पैसे मांगते कुछ लोग दिखाई दिए। जब पुलिस को सूचना देने की बात कही गई तो वे भाग गए। दूसरे केस में कॉलोनी के अंदर कुछ महिलाएं काम करने के बहाने घुसकर रेकी करती मिलीं। इसे लेकर जब पूछताछ की गई तो वे कहनी सुनाकर गुमराह करने लगीं और भाग गईं। राजधानी में पहले भी बाहरी राज्‍यों के ऐसे अलग-अलग गिरोह इन दिनों सक्रिय हैं, जो घर-मोहल्‍ले की रेकी कर चोरी और बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसे लेकर एएसपी सिटी विजय अग्रवाल का कहना है कि लोगों को चौकस रहने की जरूरत है। संदिग्‍ध महिला हो या पुरूष, दिखाई देने पर पुलिस को खबर दें।

ट्रेन में सामान चोरी होने की कहानी सुनाकर मांग रहे पैसे

हफ्तेभर पहले पंडरी रोड के पास मोवा के दीपेश कुमारने सिग्‍नल पर कार रोकी। कंधे में बैग टांगा एक व्‍यक्ति, महिला और दो साल के बच्‍चे के साथ कार के पास आ गया। उसने कहा ट्रेन में उसका बैग-पर्स चोरी हो गया है। पैसे नहीं है, मुंबई तक जाना है। दीपेश ने कहा कि पुलिस मदद कर सकती है। मैं उन्‍हें सूचित कर देता हूं। इतना सुनते हैं पैसा मांग रहा व्‍यक्ति वहां से भागने लगा। दीपेश ने मोबाईल से उसका फोटो खींच लिया। दीपेश ने बताया कि वे संदिग्‍ध लग रहे थे।

कहा-बच्‍चे वाले घर जाना है

पांच दिन पहले सड्डू की एक पॉश कॉलोनी में दो महिलाएं दोपहर में अंदर घुस आईं। सुरक्षाकर्मियों ने उनसे ज्‍यादा पूछताछ नहीं की और भीतर आने दिया। चेहरे को कपड़े से ढंकी ये महिलाएं करीब एक घंटे तक कॉलोनी के अंदरही रेकी करती रहीं। संदेह होने पर कुछ रहवासियों ने उनसे पूछताछ की। महिलाओं ने हरियाणवी बोली में कहा कि उन्‍हें ठेकेदार ने भेजा है। वे कॉलोनी में बच्‍चे वाले घर में काम के लिए आईं हैं। इस दौरान न तो ठेकेदार का नाम बता पाईं, न ही यह बता पाई कि किस घर में जाना है। पूछताछ करने पर वे भाग खड़ी हुईं।

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