[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: घर से करें समानता की शुरूआत | News 4 India

घर से करें समानता की शुरूआत

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। अंतर्राष्‍ट्रीय मानव अधिकार आयोग स्‍थापना दिवस पर 10 दिसंबर को महिलाओं के अधिकार मानव अधिकार है, विषय पर एक विचार संगोष्‍ठी का आयोजन एडीआर भवन में किया गया। विचार गोष्‍ठी के अवसर पर जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश एलडी बौरासी ने कहा कि महिलाओं को समानता का अधिकार दिलाने हमें अपने घर से शुरूआत करनी होगी। परिवार में ननद की भूमिका और बहु के संस्‍कारों के साथ सामंजस्‍य स्‍थापित कर परिवार की उन्‍नति के लिए शांतिपूर्ण प्रयास किए जा सकते हैं। उन्‍होंने महिला अपराधों के संबंध में पुलिस द्वारा किए जाने वाले अनवेषण की प्रक्रिया एवं अपराधियों के बच निकलने की कमियों को दूर करने कई महत्‍वपूर्ण जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। एडीजे राजेश रावतकर ने विधि, कानून और मानव को परिभाषित करते हएु उनके अधिकारों के संबंध में बताया। उन्‍होंने संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों की जानकारी दी। श्री रावतकर ने बताया कि रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा भी मनुष्‍य के जीवन के लिए जितनी मूलभूत आवश्‍यकताएं होती हैं वे मानवाधिकार कहलाती हैं। इस विचार गोष्‍ठी में जिला अधिवक्‍ता संघ के अध्‍यक्ष राजेंद्र सिंह बैस, विशेष न्‍यायाधीश आरसी वार्ष्‍णेय, जिला विधिक प्राधिकरण सचिव संदीप कुमार पाटिल, एडीएम आलोक श्रीवास्‍तव, सशक्तिकरण अधिकारी स्‍नेहलता ठाकुर, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी सहित अन्‍य लोग उपस्थित थे।

इनका किया सम्‍मान

कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश एलडी बौरासी ने आठ बाल विवाह रोकने वाली अर्चना माहोरे, शराबबंदी के लिए मुहिम चलाने वाली रंजना कवरेती, ग्राम को शौच मुक्‍त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली संगीता मुसरे और घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए प्रोजेक्‍ट चलाने वाली श्रीमती शिल्विया आनंद को प्रमाण-पत्र और शील्‍ड देकर सम्‍मानित किया।

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