[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: दो साल से गिरवी है कृषिभूमि, लगाया फंदा | News 4 India

दो साल से गिरवी है कृषिभूमि, लगाया फंदा

टीकमगढ़ न्‍यूज 4 इंडिया। हमें घर से कोई निकाल रहा है मैं अपनी जमीन दोनों बेटों के नाम करता हूं अगर मेरे बाद भाई परेशान करे तो गांव वाले निपटारा करें.. बेटा राकेश अच्‍छे से जीना, आज भी हम तुम्‍हारे साथ हैं। दीवार पर यह सुसाइड नोट लिखकर 26 वर्षीय आदिवासी यवुक ने घर के आंगन में लगे पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। घटना 30-31 दिसंबर की रात बल्‍देवगढ़ थाना क्षेत्र के बाबा खेरा गांव की है।

युवक की जमीन दो साल से गिरवी बताई जा रही है। गंभीर सूखे से जूझ रहे जिले में किसानी पेशे से जुड़े युवक की खुदकुशीका तीन दिन में यह दूसरा मामला सामने आया है। बाबाखेरा निवासी हजारी पुत्र मंगला आदिवासी ने पत्‍नी की साड़ी से फंदा बनाकर घर के आंगन में लगे पेड़ से फांसी लगा ली। आंगन में दीवार पर कोयले से लिखकर हजारी ने दोस्‍तों से आग्रह किया है कि उधार लिए पैसे मेरे घर पर दे देना। पिता के इलाज और परिवार के खर्च में आड़े आ रही आर्थिक तंगी आत्‍महत्‍या की वजह बताई जा रही है। मृतक की पत्‍नी मानकुंवर आदिवासी ने बताया कि शाम को हजारी का मोबाइल गुम हो गया था जिसके कारण वह परेशान था। रात को नरिया तक मोबाइल ढूंढ़ने के लिए बोल रहे थे, लेकिन मैंने रोका तो मान गए थे। वहीं मृतक के भाई बाली आदिवासी ने बताया कि हमारे पास ढाई एकड़ जमीन है, जो पिता के इलाज के लिए 2 साल पहले 10 हजार रूपए में गिरवी रख दी थी, लेकिन इसमें पिता का इलाज और परिवार का खर्च पूरा नहीं होने से वह परेशान था। हजारी के परिवार में बूढ़े मां-बाप, पत्‍नी मानकुंवर, बेटी सपना(4) और बेटा राकेश(2), सुरेंद्र(1) थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *