[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: मोदी का जाबाज़ फ़ैसला | News 4 India

मोदी का जाबाज़ फ़ैसला

सुकमा में हुए नक्सली हमले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। सीआरपीएफ के 25 जवानों की घात लगाकर हत्या करने वाले नक्सलियों के खिलाफ अब केंद्र की मोदी सरकार ने सख्त एक्शन का एलान कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार ने सुकमा का बदला लेने के लिए CRPF को खुली छूट यानि फ्री हैंड देने का मन बना लिया है। बता दें कि केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बन रहा था कि वो नक्सलियों के ऊपर कड़ी कार्रवाई करें। इसी को देखते हुए अब सरकार ने ये फैसला किया है। बताया जा रहा है केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सुकमा हमले को लेकर एक विस्तृत बैठक की थी।
उसी बैठक में ये तय किया गया है कि सीआरपीएफ को खुली छूट दा जाए और वो अपने तरीके से नक्सलियों की समस्या से निपटे। मोदी सरकार ने वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार और सीआरपीएफ के कार्यवाहक महानिदेशक सुदीप लखटकिया को हालात से निपटने के लिए 75 दिनों का समय दिया है। सूत्रों के मुताबिक राजनाथ सिंह के साथ हुए लंबी बैठक में नक्सलियों के खिलाफ ऑल आउट अटैक नाम से नई रणनीति पर अमल किए जाने को लेकर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस नीति के तहत सर्जिकल स्ट्राइक जैैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। कुल मिलाकर नक्सलियों के खात्मे की दिशा में केंद्र सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। बता दें कि सुकमा में हुए नक्सली हमले के बाद से ही देश के कोने कोने से आवाज आ रही है कि अब निंदा से काम नहीं चलेगा।
सूत्रों के मुताबिक नक्सलियों के खिलाफ काउंटर स्ट्रैटजी को लेकर भी विचार किया गया है। राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक में सीआरपीएफ पर लगातार हो रहे हमलों के कारणों और कमियों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ये भी कहा गया है कि नई रणनीति के तहत नक्सलियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं दिखाने की बात भी की गई है। गौरतलब है कि 8 मई को मोदी सरकार ने नक्सली समस्या को देखते हुए एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में नक्सल प्रभावित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव शामिल होंगे। इस बैठक में एंटी नक्सली रणनीति पर विचार किया जाएगा। साथ ही रेड कॉरिडोर को फिर से परिभाषित किया जा सकता है। बता दें कि नक्सल प्रभावित इलाकों को रेड कॉरिडोर कहा जाता है।
आपको बता दें कि मोदी सरकार ने सुकमा हमले के बाद बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी थी। पीएम मोदी से लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि शहीदों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। उसी समय ये साफ हो गया था कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठा सकती है। राजनाथ सिंह ने तो सुकमा हमले को कोल्ड ब्लडेड मर्डर तक कहा था। कुल मिलाकर अब सरकार नक्सलियों के खिलाफ सीआरपीएफ को फ्री हैंड देने की सोच रही है। इसके बाद सीआरपीएफ के जवान नक्सलियों के प्रति बिना नरमी दिखाए अपने जवानों की शहादत का बदला लेंगे। बता दें कि शहीदों के परिजनों ने भी मांग की है कि जो जवानों के साथ हुआ वैसा ही नक्सलियों के साथ भी होना चाहिए। कुछ शहीदों के परिजनों ने तो सरकार को ही इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर जवानों के हाथ नही बंधे होते तो नक्सलियों का सफाया पहले हो जाता।

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