[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: मोनी अमावस्या पर डेढ़ लाख दीपों से सजेगा संगम – News 4 India

मोनी अमावस्या पर डेढ़ लाख दीपों से सजेगा संगम

इलाहाबाद न्‍यूज 4 इंडिया। देश भर में हिन्दू आस्था का केंद्र और सनातन धर्मालंबियो के लिए धर्म स्थान प्रयाग में इन दिनों संतो का महान सत्संग चल रहा है।गंगा स्नान कर मनोकामना की पूर्ति के लिये भक्तो के साथ साथ संतो का भी अनुष्ठान चल रहा है। ऐसे ही एक संत इन दिनों प्रयाग में भक्ति की अलख जगाए माँ गंगा की गोदी में तप कर रहे है।अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि जहाँ दिव्य राममंदिर के निमार्ण के लिये देश और दुनिया भर में रह रहे हिन्दू आस्थावान जप तप परिक्रमा ध्यान सहित अलग अलग अनुष्ठान पूजा करते है। ऐसा ही एक तप और त्याग इस समय प्रयाग के संगम तट पर चल रहा है।जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

माघ मेले में आए यह बाबा अपने आप में सबसे अनोखे है।संगम के सरस्वती मार्ग स्थित परमहंस सेवा व मीरा सत्संग आश्रम के शिविर में वह और उनके शिष्य राम मंदिर ? के लिए दीपदान के अनुष्ठान में लीन हैं।।शिव योगी मौनीबाबा के नेतृत्व में माघ मास में 51 लाख कुंडीय विजयश्री दीप महायज्ञ चल रहा है। प्रतिदिन 5100 दीपदान होते हैं। हर शाम शिविर दीपों से जगमग हो उठता है। माघ मास के समापन पर संगम तट पर 51 हजार दीपों का दानकर महाआरती से अनुष्ठान को विश्राम दिया जाएगा। मौनी बाबा बताते हैं कि अभी तक प्रयाग नासिक काशी अयोध्या मथुरा अमेठी हरिद्वार उज्जैन समेत तमाम शहरों में वह राममंदिर के लिए तीन करोड़ से अधिक दीप जलवा चुके हैं। प्रयाग में अनुष्ठान का तीसरा साल है।

बाबा शिव ? योगी मौनी स्वामी है । जो14 सालो तक मौन व्रत में रहे हैंए इसलिए लोग इन्हें मौनी बाबा के नाम से प्रसिद्द हैं। बाबा शिव योगी अब तक कुल 50 बार भू समाधि ले चुके हैं। नेपाल में 45 दिन तक ली थी। इस पर महाराज वीरेंद्र विक्रम शाह ने 51000 रुद्राक्ष और चंद्र मुकुद भेंट भी की। महाकुंभ नाशिक में 2 बार 41,41 दिन पुणे में एक बार भूण्समाधि 41 दिन दिल्ली में एक बार 41 दिन एकोलकाता में एक बार 41 दिन की लखनऊ में एक बार 41 दिन की। रायबरेली में 2 बार 41,41 दिन की। टीकर आश्रम में एक बार 41 दिन की। इसी तरह अलगण्अलग जगहों पर कुल 50 भूण्समाधियां ले चुके हैं।शरीर पर पांच हजार से ज्यादा रुद्राक्ष की मालाएं हैं। जो संत महात्माओं तो कभी ऋषिण्मुनियों और अन्य लोगों से दान में मिली हुई हैं।मौनी बाबा के पास 51 शक्तिपीठों के लिए 51 त्रिशूल है।जिन्हें बाबा ने शिविर में स्थापित किए गए हैं। बाबा बताते है की 51 शक्तिपीठों के प्रतीक हैं। शक्ति व शिव की साधना से ही हर मनोकामना पूर्ण होती है। दीपदान में देशी घी सरसों व तिल के तेल का उपयोग किया जाता है। इसकी व्यवस्था स्वयं श्रद्धालु करते हैं।

संगम के तट पर अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए अनुष्ठान किया जा रहा है। संगम की रेती से मां गंगा से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मन्नत मांगी गई है। एक महीने तक आश्रम में 1 लाख 51 हजार दीपों का प्रज्वलन होगा। 51 हजार दीपों से संगम तट पर गंगा महाआरती का संकल्प बाबा ने लिया है। बाबा ने बताया की भगवान भूतनाथ को समर्पित कर ग्यारह हजार रुद्राक्ष सर्व सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए संकल्पित अनुष्ठान के साथ 1 लाख 51 हजार आहुति सवा लाख दीप प्रज्वलन 33 हजार श्रीसूक्ति का पाठ 33 हजार कनकधारा का पाठ दुर्गा सप्तशती का पाठ और महा रुद्राभिषेक आदि का अनुष्ठान मास तक चलेगा।

मौनी बाबा ने बताया की 1991 से दीपदान अनुष्ठान 1991 से चल रहा है।मौनी बाबा ने नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित सोमसरला वेद विज्ञान विश्वविद्यालय में 41 दिन की समाधि ली थी।जब उन्होंने समाधि तोड़ी तो तत्कालीन नेपाल नरेश वीरेंद्र विक्रम शाह ने 5100 रुद्राक्ष की मालाएं अर्पित कीं। नेपाल से लौटने के बाद उन्होंने टीकरमाफी आश्रम अमेठी में शारदीय नवरात्र में 3300 दीपों की आहुति दिलवाई थी। इसके बाद से क्रम अनवरत जारी है। नासिक कुंभ में 51 लाख दीप दान किए गए थे।2019 में राम मंदिर का निर्माण हो जाएगा मौनी बाबा का यह भी दावा है। कि दीप यज्ञ से केंद्र व प्रदेश में सालो बाद हिन्दू वादी सरकार बनी है। जिससे राम मंदिर निर्माण के लिए सही स्थिति बन रही है। मौनी बाबा का अनुमान है कि वर्ष 2019 मंदिर निर्माण के लिए निर्णायक रहेगा। अयोध्या में राममंदिर बनने के बाद मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि काशी में बाबा विश्वनाथ व रामेश्वरम में रामसेतु के लिए अनुष्ठानl

 

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