[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: दलित और आदिवासियों के लिए ज्‍यादा काम करें – News 4 India

दलित और आदिवासियों के लिए ज्‍यादा काम करें

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। विदिशा में 11 जनवरी को आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। पहले दिन राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने संघ सामाजिक समरसता के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि मकर संक्रांति के दिन संपन्‍न लोग समाज के गरीब तब‍के के लोगों के घर जाकर तिल-गुड़ दें और एकात्‍म का संदेश दें1 संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्‍वयंसेवकों को दलित और आदिवासियों के लिए ज्‍यादा काम करने पर जोर दिया है। उनकी इस नसीहत को इस साल आठ प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनाव से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है। पूणे के पास कोरेगांव भीमा में हुए दलित दंगों को संघ ने गंभीरता से लिया है। संघ की सोच हे कि यदि इस गैर समरसता को बढ़ावा मिला तो विधानसभा और 2019 के आम चुनावों में भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी। भागवत ने दलित और आदिवासी क्षेत्र में काम करने वाले अपने अनुषांगिक संगठनों से न केवल रिपोर्ट ली, बल्कि चेताया है कि वनवासी कल्‍याण आश्रम और हर सोमवार सेवा बस्तियों में जाने वाले स्‍वयंसेवक गंभीरता से काम करें। अपनी भागीदारी बढ़ाएं। लोगों को समझाएं।

संघ प्रमुख ने यह भी कहा है कि कई जगह समन्‍वय की कमी दिखती है जो सही नहीं है यदि ऐसा है तो अनुषांगिक संगठनों के प्रमुखों को बदला भी जा सकता है। भागवत की इस साफगोई के बाद माना जा रहा है कि विदिशा की समन्‍वय बैठक के बाद संघ के 32 से अधिक अनुषांगिक संगठनोंमें से कुछ में बदलाव हो सकता है। संघ से जुड़े लोगों का कहना है कि हर बार की तरह यह बैठक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी को लेनी थी, लेकिन उनकी जगह भागवत पहुंचे। इसे भी गंभीरता से लिया जा रहा है।

जब अलग-अलग संगठनों से बात हो रही थी, तब राजनीतिक चर्चा के दौरान एक पदाधिकारी ने कहा कि हम कांग्रेस की बी टीम होते जा रहे हैं यह ठीक नहीं है कई कांग्रेसियों की भाजपामें एंट्री हो रही है यह सुन भागवत ने उन्‍हें पहले टोका, फिर कहा कि यह बाते यहां नहीं की जाएं।

भारतीय किसान संघ से बात हुई तो बताया गया कि भाजपा की सरकारें किसानों के लिए तो बहुत काम कर रही हैं, लेकिन ऐसा लगता है जैसे किसानों पर अहसान किया जा रहा है।

बैठक में जीएसटी का मामला भी उठा। बताया गया कि लोगों में नाराजगी है । यह नुकसान दे सकती है। इस पर संघ नेताओं ने कहा कि धीरे-धीरे इस पर नाराजगी कम होती जाएगी।

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