[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: अपने साथ रखें और 12 सौ रूपए दे भत्‍ता | News 4 India

अपने साथ रखें और 12 सौ रूपए दे भत्‍ता

बालाघाट न्‍यूज 4 इंडिया। अपने पुत्रों से भरण पोषण की राशि दिलाये जाने के लिए दो बुजुर्गोंके द्वारा की जा रही मांग पर कार्यवाही करते बालाघाट एसडीएम केसी बोपचे ने उन्‍हें हर माह एक निश्चित राशि निर्वहन भत्‍ता के रूप में देने के आदेश पुत्रों को दिये हैं। तहसील के ग्राम धनसुवा के निवासी जागुलाल गजभियेने एसडीएम को शिकायत की थी कि उसके पुत्र उसे अपने पास नहीं रखता है और न ही उसे कुछ भी रूपए देता है उसने अपने जीवन यापन के एिल उसके पुत्र से राशि दिलाए जाने की कार्रवाई करने का आवेदन किया था एसडीएम श्री बोपचे ने जागुलाल के आवेदन पर भरण पोषण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उसके पुत्र सुनील को जवाब प्रस्‍तुत करने कहा था इस प्रकरण की जांच में पाया गया कि जागुलाल मायल भरवेली में कामगार था और वृद्ध होने के उपरांत उसके पुत्र सुनील को मायल में नौकरी मिली है। इससेसुनील को मासिक आय मिलती है जागुलाल को 800 रूपए पेंशन मिलती है लेकिन इससे उसका गुजारा संभव नहीं है। सुनील अपने पिता को हर माह भत्‍ता देगा और पिता को अपने साथ रखेगा।

इधर माता ले लगाई थी गुहार

इसी प्रकार सिवनी केम्‍प भरवेली की मंगो बाई ने भी शिकायत की थी कि उसका पुत्र सुरेश पिता की मृत्‍यु के बाद उसे अपने पास नहीं रखता है। और उसे कुछ भी रूपए नहीं देता है। वृद्धावस्‍था के कारण वह अब काम धंधा नहीं कर सकती है अत: उसने पुत्र सुरेश से जीवन निर्वाह के लिए राशि दिलाने आवेदन प्रस्‍तुत की थी। एसडीएम कोर्ट में मंगो बाई का प्रकरण भरण पोषण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज कर प्रकरण की सुनवाई की गई तो पाया कि मंगो बाई के पति सुखराम भरवेली मायल में कामगार मजदूर थे सुखराम की मृत्‍यु के बाद उसके पुत्र सुरेश को मायल में नौकरी मिली ओर उसने अपनी मां के जीवन यापन की जिम्‍मेदारी लिया था लेकिन अब वह अपनी मां को अपने पास नहीं रखता है और उसे रूपये भी नहीं देता है मंगोबाई को एक हजार रूपए पेंशन मिलती है लेकिन इतनी कम राशि में गुजारा नहीं चल सकता है। जबकि पुत्र सुरेश को 15 हजार रूपए मासिक की आय होती है इस प्रकरण में तथ्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए आदेश पारित किया गया है कि सुरेश अपनी माता मंगोबाई को हर माह एक हजार रूपए का निर्वहन भत्‍ता देगा और माता को अपने साथ रखेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *