[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: अपने ही पति के अवैध कारोबार को करवाया बंद और अब कर रही है यह काम | News 4 India

अपने ही पति के अवैध कारोबार को करवाया बंद और अब कर रही है यह काम

मुरैना न्‍यूज 4 इंडिया। शराब के अवैध करोबार करने वाले पति की पिटाई से तंग आकर उमरियापुरा गांव की अनपढ़ चंद्रावली कुशवाह ने शराबबंदी के खिलाफ हल्‍ला बोल दिया। चंद्रावली ने न केवल पति के अवैध शराब के कारोबार की थाने में शिकायत की बल्कि इसके खिलाफ गांव की महिलाओं को भी एकजुट किया। अन्‍य महिलाएं भी अपने-अपने पति से पीडि़त थी, इसलिए वे भी जुड़ गईं1 पहले शराब का करोबार बंद कराया और फिर नशा करने वालों पर जुर्माना लगाने का ऐलान कर दिया। शराब का करोबालबंद होने से इनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। इस बीच इन महिलाओं ने अपने पैरों पर खड़े होने के लिए दूध उत्‍पादन से गांव की तस्‍वीर बदलने की ठान ली। अवैध शराब के कारोबारके लिए कुख्‍यात रहा यह गांव अब दूध उत्‍पादन में अपनी पहचानबना चुका है। 50 घरों की बस्‍ती वाले इस गांव में अब रोजाना 5 हजार लीटर दूध का उत्‍पादन हो रहा है। उमरियापुरा गांव के हर घर में 6 से 10 भैंसे हैं चंद्रावली कहती हैं कि पति के शराब का धंधा बंद होने से रोजगार का संकट खड़ा हुआ तो हम लोगों ने दूध का कारोबार करने का मन बनाया। देखते ही देखते दो साल में स्थिति यह बन गई कि हर घर में 6 से 10 भैंसे हैं हमारे गांव में रोजाना पांच हजार लीटर दूध का उत्‍पादन हो रहा है। इस दूध को बेचकर घर का खर्च तो चला ही रहे हैं, हम लोगों ने पक्‍के मकान भी बनवा लिए हैं आज मैं और गांव की महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हैं तो पति भी मदद करते हैं।

गांव में 50 घरों की बस्‍ती में 500 से अधिक भैंसे हैं। इनकी देखभाल महिलाएं ही करती हैं गांव की राजश्री कुशवाह बताती हैं कि भैंसे खरीदने के लिए हमने  सेंटरों को दूध बेचकर कर्ज पटा दिया। आज हम रोजाना पांच हजार लीटर दूध का उत्‍पादन कर रहे हैं।

दो साल से थाने में दर्ज नहीं हुआ गांव का एक भी केस

दो साल से इस गांव में एक भी केस थाने में दर्ज नहीं हुआ। दिमनी थाना प्रभारी शिवकुमार शर्मा कहते हैं कि घरेलू हिंसा तो छोडि़ए, अब छोटे-मोटे झगड़े के मामले में भी नहीं आते महिलाओं का प्रयास सचमुच रंग लाया।

अजय रिठौरिया, नायब तहसीलदार दिमनी का कहना है कि उमरियापुरा गांव सामाजिक, व आ‍र्थिक बदलाव के मिसाल है यहां अवैध शराब का कारोबार दूध में तब्‍दील हो गया। लोग संपन्‍न हो रहे हैं गांव की अशिक्षित महिलाओं ने ही यह संभव कर दिखाया है।

 

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