[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: इस 18 साल के भारतीय छात्र ने नासा को दुनिया का सबसे छोटा उपग्रह दिया है! | News 4 India

इस 18 साल के भारतीय छात्र ने नासा को दुनिया का सबसे छोटा उपग्रह दिया है!

तमिलनाडु के रिफत शरूक द्वारा विकसित उपग्रह ‘क़लामसैट’ को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा 21 जून को प्रक्षेपित करेगी
अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हुई है. महज 18 साल के भारतीय छात्र- रिफथ शरूक ने दुनिया का सबसे छोटा उपग्रह विकसित किया है. वह भी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (राष्ट्रीय यान एवं अंतरिक्ष प्रशासन) के लिए. शरूक मूल रूप से तमिलनाडु के पल्लपट्‌टी कस्बे से ताल्लुक रखते हैं.
खबरों के मुताबिक शरूक के द्वारा विकसित इस उपग्रह का नामकरण भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल क़लाम के नाम पर (क़लामसैट) किया गया है. नासा इस उपग्रह को 21 जून को प्रक्षेपित करने वाला है. इस उपग्रह का वजन सिर्फ 64 ग्राम है. शरूक का चयन ‘क्यूब्ज इन स्पेस’ नामक कार्यक्रम के जरिए हुआ है. नई प्रतिभाओं की तलाश के मकसद से इस कार्यक्रम को नासा और ‘आई डूडल लर्निंग’ ने आयोजित किया था.
अंतरिक्ष विज्ञान में खासी दिलचस्पी रख्ने वाले शरूक को इस परियोजना के लिए ‘स्पेस किड्ज इंडिया’ ने भी वित्तीय मदद दी है. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में शरूक कहते हैं, ‘यह उपग्रह अंतरिक्ष के सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (माइक्रो-ग्रेविटी) वाले वातावरण में करीब 12 मिनट तक संचालित होगा. इस दौरान यह 3-डी प्रिंटेड कार्बन फाइबर के कार्य-निष्पादन (परफॉर्मेंस) को प्रदर्शित करेगा. जबकि प्रक्षेपण के बाद मिशन की कुल अवधि 240 मिनट की होगी. इसे हमने पूरी तरह बेकार चीजों से तैयार किया है.’

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