बिना आधार के ही चलेगी सिम, आधार की अनिवार्यता खत्‍म

नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। आधार को सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को संवैधानिक करार दिया। साथ ही साफ किया कि स्‍कूल में दाखिले, बैंक खाता खोलने, मोबाइल सिम लेने और विभिन्‍न परीक्षाओं के लिए आधार अनिवार्य नहीं है। सिम की आधार लिंकिंग को असंवैधानिक बताते हुए कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को ग्राहकों का आधार डेटा डिलीट करने का आदेश दिया है। अब टेलीकॉम कंपनियां ई-कामर्स कंपनियां, प्राइवेट बैंक और अन्‍य कंपनियां सार्विस के लिए ग्राहकों से आधार नंबर नहीं मांग सकेंगी। हालांकि, इनकम टैक्‍स रिटर्न ओर पैन कार्ड को आधार से लिंक करना जरूरी है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से फैसला दिया। बेंच में शामिल जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने आधार को असंवैधानिक बताया है। बेंच ने कहा किया कि यह निजता में कुछ दखल तो देता है, लेकिन इसकी जरूरत को भी देखना होगा। आधार को चुनौती देने वाली 31 याचिकाओं पर बेंच ने 38 दिन सुनवाई के बाद 20 मई को फैसला सुरक्षित रखा था। 1973 के केशवानंद भारती केस के बाद यह दूसरी सबसे लंबी सुनवाई थी।

35 जगह मांगा जाता था आधार, अब सिर्फ 3 जगह अनिवार्य होगा

यह आधार आवश्‍यक होगा

  • पैन कार्डा बनवाने के लिए आधार जरूरी होगा।

आयकर रिटर्न के लिए भी।

आयकर अधिनियम की धारा 139एए बरकरार रखी। कोर्ट ने कहा कि पैन कार्ड और आयकर रिटर्न को आधार से लिंक करना जरूरी है।

सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के लिए

कोर्ट ने कहा- करोड़ों लोगों को आधार से फायदा हुआ है। सरकार की सभी लाभकारी योजनाओं और सब्सिडी के लिए आधार लिया जा सकता है।

यहां आधार आवश्‍यक नहीं

  1. मोबाइल सिम लेना
  2. बैंक खाता खोलना स्‍कूल में एडमिशन
  3. स्‍कूल में एडमिशन
  4. सीबीएसई, नीट यूजीसी, बोर्ड एग्‍जाम
  5. 14 साल से छोटे बच्‍चे को बिना आधार सभी सुविधाएं मिलेंगी
  6. ऑनलाइन शॉपिंग

इनके अलावा सरकारी-गैरसरकारी 35 योजनाएं हैं, जहां आधार जरूरी था।

सरकार को आदेश, कोर्ट की इजाजत के बिना डेटा शेयर न करें

  • कोर्ट की इजाजत के बिना किसी भी एजेंसी से बायो‍मीट्रिक डेटा सुरक्षा के मामले में डेटा शेयरिंग के लिए सेक्रेटरी स्‍तर का अधिकारी कोर्ट की सहमति से ही इजाजत देगा।
  • सरकार 5 साल तक आधार डेटा नहीं रख सकती। इसे सिर्फ छह महीने रख सकते हैं।
  • जितना जल्‍दी हो सके, सरकार डेटा प्रोटेक्‍शन का कानून लेकर आए।
  • आधार वेरिफिेकेशन में खामी के चलते कोई भी व्‍यक्ति कल्‍याण योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा।

 

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