कमलनाथ ने लिखा केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र

छिंदवाड़ा /सांसद कमलनाथ ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर चिरौंजी वनोपज को जीएसटी कर से मुक्त रखने का अनुरोध किया है ।अपने पत्र में सांसद ने लिखा है कि जिले के अमरवाड़ा और हरई क्षेत्र में यह वनोपज होती हैं ,यहां बहुत संख्या में रहने वाले आदिवासी परिवार ऋतु के अनुसार वनउपज संग्रहण कर स्थानीय व्यापारियों को बेचते हैं, यह वनोपज कि उनकी जीविका का प्रमुख साधन है इसकी पैदावार भी बहुत ज्यादा नहीं है। आसपास के जिले में इस संग्रहण कार्य से जुड़े हुए हैं ।वित्त मंत्री को सूचित करते हुए सांसद कमलनाथ ने पत्र में लिखा है कि चिरौंजी जैसी वस्तुओं की कोई ग्रेडिंग नहीं की गई है, किंतु स्थानीय टैक्स अधिकारी ने सूचित किया है कि व्यापारी 12% प्रतिशत जीएसटी कर के दायरे में है जबकि कृषि उपज मंडी समिति ने भी इसे टेक्स् से अलग कर दिया है कमलनाथ ने कहां है कि आदिवासियों के संबंध में व्यापार का उदारीकरण देखते हुए जीएसटी कर बिल्कुल शून्य होना चाहिए ,क्योंकि आदिवासी गरीबों की पूर्णता जीविका ऐसी वस्तुओं को एकत्र कर उन्हें व्यापारियों को बेचना है यदि जीएसटी के अंतर्गत कोई शुल्क लगता है तो इससे व्यापारी एवम् आदिवासी दोनों पर ही प्रभाव पड़ेगा।

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