[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: मालदीव में आपातकाल भारत का स्पष्ट हुआ मत | News 4 India

मालदीव में आपातकाल भारत का स्पष्ट हुआ मत

नई दिल्ली


भारत में मालदीव में व्याप्त संकट  को संज्ञान में लिया है और स्थिति का व्यापक में आकलन कर कड़ा रुख दिखाते हुए वहां इमर्जेंसी हटाए जाने की मांग की है, लेकिन किसी सैन्य हस्तक्षेप के संकेत नहीं दिए हैं। दूसरी तरफ रिपोर्ट्स हैं कि चीन के युद्धपोतों ने हिंद महासागर में गतिविधियां बढ़ा दी हैं। मालदीव में इस महीने 15 दिन के लिए आपातकाल लगा था, जो मंगलवार शाम को खत्म हो जाएगा।

मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने सोमवार को संसद से कहा कि वह आपातकाल को 30 दिनों के लिए बढ़ाना चाहते हैं। इसपर होने वाली बहस के लिए सत्ताधारी प्रोग्रेसिव पार्टी के 39 सांसद जुटे, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इसका बहिष्कार किया, जिससे इस प्रस्ताव पर गतिरोध कायम हो गया है। भारत सरकार ने उम्मीद जताई है कि मालदीव सरकार जारी आपातकाल को आगे नहीं बढ़ाना चाहेगी, ताकि मालदीव में राजनीतिक प्रक्रिया तुरंत शुरू हो सके।
भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘आपातकाल हटाए जाने के बाद न्यायपालिका समेत सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को आजादी के साथ काम करने देना चाहिए। इस काम में संविधान के मुताबिक पारदर्शिता भी अपनाई जानी चाहिए। मालदीव के सुप्रीम कोर्ट ने 1 फरवरी को जो आदेश जारी किया था, उसे भी पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए। यह जरूरी है कि मालदीव जल्द से जल्द लोकतंत्र की राह पर लौटे। वहां कानून का शासन स्थापित हो, ताकि मालदीव की जनता की उम्मीदें पूरी की जा सकें और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को दूर किया जा सके।’

मालदीव संकट के बीच ताजा खबर यह है कि चीन ने हिंद महासागर में अपने युद्धपोतों की गतिविधियों को बढ़ाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि मालदीव के मामले में भारत दखल देने की कोशिश न करे। इस महीने में चीन के 11 युद्धपोत पूर्वी हिंद महासागर पहुंच गए हैं। मालदीव हिंद महासागर के अहम कारोबारी रूट पर स्थित है, जहां चीन लगातार अपना दखल बढ़ा रहा है। मालदीव का ताजा संकट भारत और चीन के बीच भी तनाव का कारण बन गया है।

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