[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: सबसे ज्यादा बेरोजगार | News 4 India

सबसे ज्यादा बेरोजगार

छत्तीसगढ़    न्‍यूज 4 इंडिया।  हर चुनाव के समय युवाओं को एक आस रहती कि शायद ये सरकार आएगी और हमारी बेरोजगारी दूर कर देगी. ऐसा ही सोचते-सोचते उस युवा के 5 साल निकल जाते हैं. फिर उसे एक उम्मीद जागती है कि शायद अब कुछ बेहतर होगा, लेकिन हकीकत में होता कुछ नहीं. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों पर गौर करें तो ये बात साफ नज़र आ रही है कि प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या पिछले एक साल में न सिर्फ बढ़ी बल्कि तेजी से बढ़ी है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 मार्च में 19 लाख 53 हजार 556 दर्ज की गई थी, जो अब तक बढ़कर 23 लाख 80 हजार 161 हो गई है. इसका मतलब ये है कि शिक्षित बेरोजगारों की संख्या बढ़ गयी है. आंकड़ों पर ध्यान दें तो समझ आता है कि पिछले एक साल में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारों की संख्या तक़रीबन 4 लाख 26 हजार 605 तक बढ़ी है.दुर्ग में 3 लाख 9 हजार 529 रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं. 1 लाख 90 हजार 307 रजिस्टर्ड बेरोजगारों के साथ दूसरे नंबर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का निर्वाचन क्षेत्र राजनांदगांव है. तीसरे नंबर पर प्रदेश के उद्योग मंत्री अमर अग्रवाल का गृह जिला बिलासपुर हैं. यहां 1 लाख 84 हजार 640 युवा बेरोजगार हैं.​

इसी तरह से केन्द्रीय राज्यमंत्री विष्णुदेव साय का गृह जिला रायगढ़ में 1 लाख 77 हजार 132 रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं. प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर के जिला बालोद में 1 लाख 30 हजार 814 बेरोजगार हैं. प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर के जिला जांजगीर-चांपा में 1 लाख 22 हजार 142 बेरोजगार और प्रभारी मंत्री पुन्नूलाल मोहले के राजधानी रायपुर में 1 लाख 20 हजार 287 में शिक्षित बेरोजगारों की तादाद है. उक्त आंकड़े विधानसभा के हाल ही में हुए बजट सत्र में पेश किए गए थे.खुद को युवाओं का हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार उन्हें रोजगार तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है. प्रदेश में शिक्षित ​बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

जब प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या बढ़ने लगी तो सरकार की चुरे हिल गईं. कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने आनन-फानन में 10 हजार शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार मुहिया कराने की घोषणा कर दी. केबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने रोजगार के लिए सरकार लोन में सब्सिडी देनी की बात भी कह रहे हैं.

इतिहास गवाह है कि बेरोजगारों ने सत्ता का तखता पलट दिया है. उत्तर प्रदेश से सत्तासीन समाजवादी पार्टी की पिछले विधानसभा चुनाव में बुरी हार के पीछे बेरोजगार युवाओं की नाराजगी को भी बड़ा कारण माना जाता है. शायद इसी बात का अहसास छत्तीसगढ़ सरकार को हो गया है. इसलिए चुनावी साल में बेरोजगार युवाओ को रिझाने की कोशिश की जा रही है.

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