[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: दो महिला कैडेट्स को शीर्ष सम्‍मान | News 4 India

दो महिला कैडेट्स को शीर्ष सम्‍मान

 

चेन्‍नई न्‍यूज 4 इंडिया। चेन्‍नई के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में पॉसिंग आउट परेड में इस बार 255 कैडेट अफसर बने हैं। इनमें 37 महिलाएं हैं दिलचस्‍प बात यह है कि ओटीए के 55 साल के इतिहास में पहली बार दो महिला कैडेट को शीर्ष सम्‍मान मिला है। कैडेट प्रीति को ‘सॉर्ड ऑफ ऑनर’ और वृत्ति को सिल्‍वर मेडल अवॉर्ड मिला है ये दोनों महिला ऑफिसर हरियाणा की रहने वाली हैं ये दोनों महिला 250 से ज्‍यादा कैडेट को पछाड़ कर एकेडमी का सबसे प्रतिष्ठित सम्‍मान हासिल किया है। प्रीति सर्वोच्‍च सम्‍मान अवॉर्ड ‘सॉर्ड ऑफ ऑनर’ पाने वाली ओटीए की तीसरी महिला कैडेट हैं इससे पहले 2010 और 2015 में क्रमश: दिव्‍या और एम अंजना यह मेडल जीत चुकी हैं। गोल्‍ड मेडल कैडेट विवेक सूरज को दिया गया है। ओटीए से भूटान के 5 कैडेट, नौ अफगानिस्‍तान और 8 तजाकिस्‍तान के पास आउट हुए हैं ये सभी अपने-अपने देश की सेनाओं में सेवा देंगे।

 

दो ‘वीर नारी’ भी सेना में शामिल

दो ‘वीर नारी’ सुष्मिता पाण्‍डेय और नीता देसवाल भी अफसर बनी हैं ये दोनों शहीद अफसरों की पत्नियां हैं सुष्मिता के पति मेजर नीरज अरूणाचल में तैनात थे ऑपरेशन राइनों के दौरान एक हादसे में उनकी मौत हो गई। सेना ज्‍वाइन करने से पहले सुष्मिता लेक्‍चरर थीं जबकि नीता के पति मेजर अमित देसवाल ऑपरेशन हिफाजत के दौरान शहीद हो गए।

टैक्‍सी ड्रायवर बना अफसर

टैक्‍सी ड्रायवर रहे पुणे के उत्‍तम भी अफसर बने हैं वे बताते हैं कि उनके पिता ड्रायवर थे और सड़क हादसे में उन्‍हें अपने पैर गंवाने पड़े। पढ़ाई के साथ वॉचमैन का काम करना पड़ा। कॉलेज में कई विषयों में फेल हो गया। इसके बाद कैब ड्राइविंग शुरू की। एक दिन मेरी कैब में कर्नल बख्‍शी बैठे। उन्‍होंने सीडीएस एग्‍जॉमिनेशन के बारे में बताया और लेफ्टिनेंट गणेश बाबू से मिलने को कहा, जो छात्रों को अफसर बनने के लिए गाइड करते हैं उत्‍तम 2016 में परीक्षा में बैठे और सफल रहे।

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