[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: हथियारों का टेस्ट बंद करे नार्थ कोरिया | News 4 India

हथियारों का टेस्ट बंद करे नार्थ कोरिया

वॉशिंगटन  न्‍यूज 4 इंडिया।  अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प  और किम जोंग उन के बीच मुलाकात नार्थ कोरिया के न्यूक्लियर हथियारों और मिसाइलों का टेस्ट रोकने के बाद ही मुमकिन है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सेंडर्स ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि नार्थ कोरिया इन शर्तों को मानेगा और दोनों देशों के बीच यह मीटिंग होगी। बता दें कि नार्थ कोरिया के शासक किम जोंग ने अमेरिकी प्रसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प को मीटिंग के लिए बाकायदा न्योता भेजा था, जिसे ट्रम्प ने स्वीकार कर लिया।

नॉर्थ कोरिया ने किए कई वादे
– मंगलवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सेंडर्स ने कहा, “हमें पूरी उम्मीद है कि ये मीटिंग होगी।”
– सारा के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरिया से मीटिंग का मैसेज भेजा है, अमेरिका ने इसे स्वीकार कर लिया। नॉर्थ कोरिया ने तीन वादे किए हैं अगर वे इन्हें पूरा करते हैं तो यह मीटिंग होगी।
– सारा ने कहा, “हम चाहते हैं कि नॉर्थ कोरिया एटमी प्रोग्राम बंद करे। इसी के चलते उस पर सेंक्शंस लगाए गए हैं और दबाव डाला जा रहा है। ”
मई में हो सकती है दोनों नेताओं की मुलाकात
– पिछले दिनों साउथ कोरिया एक डेलिगेशन नॉर्थ कोरिया की यात्रा पर गया था। जिसके बाद यह डेलिगेशन अमेरिका गया। जहां पर डेलिगेशन ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि किम जोंग ने उन्हें मीटिंग के लिए इन्वाइट किया है।
– अमेरिका प्रसिडेंट ने इस प्रस्ताव को मान लिया। ट्रंप के इस फैसलें ने सबको चौका दिया।
– डोनाल्ड ट्रम्प ने नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से मई में मिलने की सहमति जताई है। दोनों नेताओं के बीच ये पहली मुलाकात होगी।

साउथ कोरिया ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
– बता दें कि अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच मुलाकात कराने में साउथ कोरिया ने ही मध्यस्थ की भूमिका निभाई। साउथ कोरिया के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर (एनएसए) चुंग यूई-योंग ने ही इस बात की जानकारी दी कि ट्रम्प, उन से मुलाकात के लिए राजी हो गए हैं।
– बता दें कि अक्टूबर 2000 में बिल क्लिंटन की विदेश मंत्री रहीं मेडलीन अलब्राइट ने किम जोंग उन के पिता और तब नॉर्थ कोरिया के शासक रहे किम जोंग II से बात की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *