[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: सुसाइड से रोकने बनाई योजना अब योजना के कारण ही नहीं दे पा रहे छात्र एग्जाम | News 4 India

सुसाइड से रोकने बनाई योजना अब योजना के कारण ही नहीं दे पा रहे छात्र एग्जाम

जबलपुर न्‍यूज 4 इंडिया। मंडला जिले के ग्रामीण इलाके में रहने वाली उन दो छात्राओं के मामले में हाईकोर्ट ने संजीदगी से लिया है जो सरकार की ही एक योजना के कारण इस साल 12वीं की परीक्षा से वंचित होने जा रही है संबंधित योजना रिजल्‍ट आने के बाद छात्रों द्वारा की जाने वाली आत्‍महत्‍या को रोकने राज्‍य सरकार ने बनाई थी प्रदेश के करीब 18 सौ छात्रों से जुड़े इस मामले को संजीदगी से लेते हुए चीफ जस्टिस हेमंत गुप्‍ता और जस्टिस विजय कुमार शुक्‍ला की युगलपीठ ने माशिम को 72 घंटों के अंदर जवाब देने कहा है मामले पर अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। यह अपील मंडला जिले की नैनपुर तहसील के ग्राम पायली में रहनेवाली कु. आरती झारिया और कु. नीतू झारिया ने यह अपील अपने अभिभावकों के माध्‍यम से दायर की हे आवेदकों का कहना है कि वर्ष 2015-16 के सत्र में कक्षा 10वीं में एडमीशन लेनेके बाद उनकी परीक्षाएं मार्च 2016 में हुई थी रिजल्‍अ आने पर पता चला कि आवेदकों को सप्‍लीमेंट्री आई है इसी बीच परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों द्वारा किए जाने वाले सुसाइडको रोकने राज्‍य सरकार ने रूक जाना नहीं नाम की योजना बनाई आवेदकों ने एक तरफ तो वर्ष 2016-17 के सत्र में 11वीं कक्षा में अस्‍थाई प्रवेश लिया और सरकार की योजना के तहत 10वीं की पूरक परीक्षा वर्ष 2017 में दी। रिजल्‍ट आने के बाद आवेदकों ने 11वीं की परीक्षा भी उत्‍तीर्ण की और फिर वर्ष 2017-18 के सत्र में उन्‍होंने 12वीं कक्षा में एडमीशन लिया। परीक्षा फार्म स्‍कूल के माध्‍यम से जमा करानेके बाद आवेदकों को 22 नवंबर 2017 को पता चला कि उनके फार्म निरस्‍त कर दिए गए हैं वजह बताई गई कि उन्‍होंने 10वीं की परीक्षा के बाद दो साल पूरेनहीं किए, इसलिए उन्‍हें वर्ष 2018 में 12वीं की परीक्षा में शामिल नहीं किया जा सकता1माशिम के आदेश को चुनौती देकर आवेदकों ने एक याचिका दायर की थी, जिसके खारिज हो जाने पर यह अपील दायर की गई।

मामले पर 12 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान आवेदकों की ओर से अधिवक्‍ता निखिल तिवारी हाजिर हुए। उन्‍होंने युगलपीठ को बताया कि यह मामला सिर्फ उनके मुवक्किलों का ही नहीं, बल्कि प्रदेश के उन 18सौ छात्रों से जुड़ा है जिन्‍होंने सरकार की ही योजना के तहत सप्‍लीमेंट्री परीक्षा दी थी अब दो साल पूरा न होने की आड़ में उन सभी को 12वीं की परीक्षा से वंचित किया जा रहा है, जो अवैधानिक है पूरे मामले पर गौर करने के बाद युगलपीठ ने माशिंम को 16 मार्च तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

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